स्थायी लोक अदालत से बिजली, बीमा और बैंकिंग विवादों के समाधान की जानकारी
विधिक जागरूकता शिविर में समझौते से विवाद निपटाने और निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में किया जागरूक

पाकुड़ संवाददाता। बिजली बिल, बीमा दावे और बैंकिंग सेवाओं से जुड़े विवादों को लेकर परेशान लोगों के लिए स्थायी लोक अदालत राहत का माध्यम बन सकती है। सुलह योग्य मामलों का समाधान यहां सरल, त्वरित और कम खर्चीली प्रक्रिया के तहत आपसी समझौते से कराया जा सकता है। झालसा, रांची के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ की ओर से मंगलवार को बैंक ऑफ इंडिया, करियोडीह में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित कर लोगों को इसकी जानकारी दी गयी।
स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला ने कहा कि जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों का त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान कराना लोक अदालत का प्रमुख उद्देश्य है। बिजली, बीमा समेत अन्य जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित सुलह योग्य मामलों को आपसी सहमति के आधार पर निपटाया जा सकता है। उन्होंने लोगों को उपलब्ध निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी भी दी।

सदस्य मो. अबरारुल हक ने बताया कि गरीब, महिला, बच्चे, अनुसूचित जाति-जनजाति और दिव्यांग समेत पात्र लोगों को स्थायी लोक अदालत की सेवाओं का लाभ मिल सकता है। आर्थिक कठिनाइयों के कारण न्याय से वंचित लोगों के लिए यह व्यवस्था विशेष रूप से उपयोगी है।
सदस्य राजीव कुमार झा ने बताया कि स्थायी लोक अदालत में आवेदन से लेकर मामले के निपटारे तक की प्रक्रिया सरल रखी गयी है। पक्षकार आवश्यक दस्तावेजों के साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ में आवेदन कर सकते हैं। समझौते की संभावना वाले मामलों में दोनों पक्षों के बीच सहमति कायम कराने का प्रयास किया जाता है।
शिविर में बैंक ऑफ इंडिया की विभिन्न बैंकिंग सेवाओं और ग्राहकों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी गयी। मौके पर शाखा प्रबंधक आशीष रंजन, बैंक कर्मी, ग्राहक, आमजन तथा पैरा लीगल वॉलंटियर प्रियंका झा और सीमा साहा मौजूद थीं।
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