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न ओटीपी, न लिंक—फिर भी खाते से उड़े ₹4.62 लाख, गोमिया में साइबर ठगी से मचा हड़कंप

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न ओटीपी, न लिंक—फिर भी खाते से उड़े ₹4.62 लाख, गोमिया में साइबर ठगी से मचा हड़कंप

गोमिया। डिजिटल दौर में साइबर अपराधियों के तौर-तरीके लगातार बदल रहे हैं। अब ठगी के ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें पीड़ित की कोई सीधी गलती भी नहीं होती। ताजा मामला गोमिया थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक सीआरपीएफ जवान की पत्नी के बैंक खाते से बिना ओटीपी साझा किए और बिना किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक किए करीब ₹4.62 लाख की निकासी कर ली गई।

होम लोन की राशि पर हाथ साफ

पीड़िता रानी कुमारी, जो गोमिया थाना क्षेत्र के तुलबुल की निवासी हैं, ने बताया कि यह रकम उन्होंने घर बनाने के लिए बैंक से होम लोन के रूप में ली थी। उनका खाता State Bank of India की ललपनिया शाखा में है।

रानी कुमारी के अनुसार, 6 अप्रैल को उन्होंने मात्र ₹2000 की निकासी की थी, जिसका मैसेज भी मोबाइल पर प्राप्त हुआ। लेकिन 10 अप्रैल को जब वह दोबारा बैंक पहुंचीं और बैलेंस चेक कराया, तो उनके होश उड़ गए।

खाते से अलग-अलग तिथियों में इस प्रकार निकासी की गई:

  • 5 अप्रैल: ₹1,00,000
  • 6 अप्रैल: ₹1,00,000
  • 7 अप्रैल: ₹1,00,000
  • 8 अप्रैल: ₹20,000 की तीन निकासी (₹60,000)
  • 9 अप्रैल: ₹40,000 + ₹20,000 की तीन निकासी (₹1,00,000)

कुल मिलाकर ₹4,62,000 की अवैध निकासी कर ली गई। हैरानी की बात यह है कि पीड़िता ने न तो किसी को ओटीपी बताया और न ही किसी अनजान लिंक पर क्लिक किया।

साइबर सेल में शिकायत दर्ज

घटना की जानकारी मिलते ही पीड़िता ने भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। साथ ही शनिवार को बोकारो साइबर थाना पहुंचकर मामला दर्ज कराया। पुलिस ने उन्हें आगे की जांच के लिए सोमवार को फिर बुलाया है।

बताया गया कि पीड़िता के पति अमित कुमार Central Reserve Police Force (सीआरपीएफ) में जवान हैं और वर्तमान में छत्तीसगढ़ में तैनात हैं।

कैसे हुई ठगी?

प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि इस तरह की धोखाधड़ी सिम स्वैपिंग या मैलवेयर अटैक के जरिए की गई हो सकती है, जिसमें बिना ओटीपी साझा किए भी खाते से पैसे निकाले जा सकते हैं।

पुलिस की सलाह

पुलिस ने आम लोगों को सतर्क रहने की अपील करते हुए कुछ जरूरी सुझाव दिए हैं:

  • नियमित रूप से बैंक स्टेटमेंट चेक करें
  • मोबाइल में बायोमेट्रिक लॉक का इस्तेमाल करें
  • किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत बैंक कार्ड और नेट बैंकिंग ब्लॉक कराएं
  • अनजान कॉल या संदेशों से सतर्क रहें

फिलहाल, पूरे मामले की जांच जारी है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि आखिर इतनी बड़ी रकम किस तरीके से निकाली गई।

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