तेनुघाट —- बेरमो अनुमंडल स्थित तेनुघाट अधिवक्ता संघ भवन में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष कामेश्वर मिश्रा की अध्यक्षता में संयुक्त बिहार एवं झारखण्ड के पूर्व मंत्री और गोमिया विधानसभा के पूर्व विधयक स्व माधव लाल सिंह का शोक सभा का आयोजन किया गया। अधिवक्ता संघ के महासचिव वकील प्रसाद महतो ने शोक सभा को संबोधित करते हुए उनके जीवन पर प्रकाश डाला और बताया की माधव बाबू का जन्म 1/1/1945 को हुआ। बचपन से ही निडर और समाज सेवी थे।
पढ़ाई के लिए जो पैसे भेजे जाते थे उस पैसे से अपने क्षेत्र के वासियों को जो इन्हें भेंट होते खिलाकर भाड़ा देकर भेज देते थे। माधव बाबू की पढ़ाई ईसरी उच्च विद्यालय में हुई। इनकी शादी 1975 में बरसोंत के राज घराने में हुई। ये चार भाई थे नागेश्वर लाल सिंह, धनेश्वर लाल सिंह, माधव लाल सिंह और उद्यो लाल सिंह थे। माधव बाबू जनसंघ में रहे। 1985 में जनता की तूफान ने राजनीति में लोकतंत्र का पहला चुनाव लड़ने पर मजबूर किया और निर्दलीय घोड़ा छाप पर चुनाव जीते।
उसके बाद 1990, 2000 में निर्दलीय जीते, 2009 में कांग्रेस पार्टी से चुनाव जीते। जीत हार दोनों का अनुभव रहा। जनता की साधारण बात भी विधान सभा में उठाते। गरीबों के आवाज थे। एक संत की तरह ईमानदारी और सादगी इनका जीवन चरित्र था। अपने सनातन धर्म के साथ सभी धर्मों का सम्मान करते थे। जनता से सहजता से मिलते थे ।उग्रवाद क्षेत्रों में जनसेवा में इनके लिए दिन और रात नहीं होती थी।
लौ लश्कर तम जाम इन्हें पसंद नहीं था। एक लंबे अंतराल तक जीवन जिया जातिवाद पूंजीवाद या धर्म इन्हें समाज सेवा में बाधा नहीं डाल पाया। सभी वर्गों का कम करते थे। अंतिम में 13 मई 2026 को रांची पल्स अस्पताल में अंतिम सांस ली। वहीं अपने पीछे पत्नी सारदा लाल सिंह, बेटे प्रकाश लाल सिंह, आकाश लाल सिंह और छोटे बेटे बदल लाल सिंह को ईश्वर के शरण में छोड़ कर चले गये।
शोक सभा मे उपस्थित अधिवक्ताओ ने दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए भगवान से प्रार्थना की। मौके पर उपाध्यक्ष वेंकट हरि विश्वनाथन, शंकर ठाकुर, आनंद श्रीवास्तव, अरुण कुमार सिन्हा, सुरेश तिवारी, बासु कुमार दे, डी एन तिवारी, जगदीश मिस्त्री, जे पी तिवारी, अवध किशोर सिंह, नीरज कुमार, मोहितोष चक्रवर्ती, हेमंत कुमार गुरु, बीरेंद्र प्रसाद, बैद्यनाथ शर्मा, सुभाष कटरियार, महुआ कारक, संतोष ठाकुर, महेश ठाकुर, सहित संघ के अधिवक्ता मौजूद थे।