पाकुड़ संवाददाता — महेशपुर थाना क्षेत्र के बेनादती गांव निवासी रेनूबाला टुडू ने देवपुर गांव निवासी राज मरांडी के खिलाफ नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने का आरोप लगाते हुए थाना में मामला दर्ज कराया है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुट गई है।
आवेदन में रेनूबाला टुडू ने बताया कि वह एक गरीब एवं विधवा महिला है और उसका एकमात्र पुत्र है। आरोपित राज मरांडी पहले से परिचित था। उसने भरोसा दिलाया था कि वह उसके पुत्र को मेडिकल विभाग में चपरासी की नौकरी दिला देगा। इसके एवज में उसने एक लाख 10 हजार रुपये की मांग की। पुत्र की नौकरी की जरूरत को देखते हुए 13 फरवरी 2025 को उसने उक्त राशि नगद दे दी।
वादिनी के अनुसार, आरोपित ने अन्य लोगों को भी नौकरी दिलाने का झांसा देकर रुपये लिए। अहिल्यापुर गांव की बिंदु हांसदा से पाकुड़ में नर्स की नौकरी दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपये तथा लिट्टीपाड़ा थाना क्षेत्र के डुमरिया निवासी नेहा हांसदा से भी नर्स की नौकरी दिलाने का वादा कर 50 हजार रुपये लिए गए।
आरोप है कि राज मरांडी ने सभी से कहा था कि छह महीने के भीतर नौकरी लग जाएगी, अन्यथा पूरी राशि वापस कर दी जाएगी। लेकिन करीब 10 महीने बीत जाने के बाद भी किसी की नौकरी नहीं लगी। इसके बाद जब सभी लोग रुपये वापस मांगने उसके घर पहुंचे, तो वह टालमटोल करता रहा।
मामले को लेकर 20 जनवरी 2026 को दोनों पक्षों के बीच समझौता भी हुआ, जिसमें मार्च 2026 तक पूरी राशि लौटाने की बात तय हुई थी। इस समझौते में फ्रांसिस हेम्ब्रम एवं चारलेश हेम्ब्रम गवाह थे। बावजूद इसके तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी रुपये वापस नहीं किए गए।
अंततः रेनूबाला टुडू ने महेशपुर थाना में आवेदन देकर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है और पूरे प्रकरण की सत्यता की जांच जारी है।