तेनुघाट:
“राजनीति और खेल में ज्यादा अंतर नहीं होता। जैसे बल्ले और गेंद का सामंजस्य मैच जिताता है, वैसे ही राजनीति में जनता से संपर्क चुनाव जिताता है।” यह बातें मुख्य अतिथि मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने उर्मिला देवी मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मैच के उद्घाटन के दौरान कही।
उन्होंने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जीत और हार खेल का हिस्सा है, लेकिन दोनों टीमों को तालमेल सीखना चाहिए ताकि भविष्य में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने और निखारने का अवसर मिलता है, जिससे उन्हें आगे बढ़ने का मंच मिल सकता है। आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने धन्यवाद भी दिया।
मंत्री ने बताया कि उलगड्डा, पेटरवार, ललपनिया और स्वांग में मैदानों का चयन कर उन्हें स्टेडियम के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
यह टूर्नामेंट स्वर्गीय उर्मिला देवी की स्मृति में आयोजित किया जाता है, जिनका निधन कुंभ स्नान के लिए जाते समय एक सड़क दुर्घटना में हो गया था। वे सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाती थीं।
फाइनल मैच का रोमांच
2 मई की रात खेले गए फाइनल मुकाबले में गेम डिसाइडर घरवाटांड़ की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब पर कब्जा जमाया। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करते हुए घरवाटांड़ की टीम ने गोमिया टाइटंस को 8 ओवर में 54 रन पर रोक दिया। गोमिया की ओर से धीरज (12 रन) और संदीप (11 रन) ने योगदान दिया। घरवाटांड़ के टिंकू कुमार और गोपाल यादव ने 3-3 विकेट लेकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
जवाब में लक्ष्य का पीछा करते हुए गेम डिसाइडर घरवाटांड़ ने 3 विकेट खोकर 55 रन बनाकर मैच जीत लिया। टिंकू ने 8 गेंदों में 15 रन और मनोज ने 14 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली।
पुरस्कार वितरण
टिंकू कुमार को शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया, जबकि गोपाल यादव को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी घोषित किया गया।
विजेता टीम को 15,000 रुपये और उपविजेता को 10,000 रुपये के साथ शील्ड देकर सम्मानित किया गया।
पुरस्कार वितरण तेनुघाट पंचायत की मुखिया नीलम श्रीवास्तव, पंसस अजीत कुमार पांडेय, अधिवक्ता रमेंद्र कुमार सिन्हा, समाजसेवी दया शंकर गुप्ता समेत अन्य गणमान्य लोगों द्वारा किया गया।
मैच में अंपायर की भूमिका दीपक यादव और चुन्नू पांडेय ने निभाई, जबकि स्कोरिंग विक्की कुमार और कमेंट्री सत्यम कटरियार, सौरभ सिंह एवं शिवम कटरियार ने की।
टूर्नामेंट को सफल बनाने में रामजीत, अमन, सौरभ श्रीवास्तव, अभिनीत नंदन, मोंटी कटरियार, पीयूष, राज, दीपक, लाल बाबू और रौशन कुमार का महत्वपूर्ण योगदान रहा।