पाकुड़ संवाददाता : पाकुड़ जिले में विकास कार्यों को नई गति देने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। हाल ही में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि जिले में चल रही सभी प्रमुख परियोजनाओं, खासकर भू-अर्जन (Land Acquisition) से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादन किया जाए।
लंबे समय से लंबित मामलों के कारण कई महत्वपूर्ण योजनाएं प्रभावित हो रही थीं, जिन्हें अब तेजी से आगे बढ़ाने की रणनीति बनाई गई है। प्रशासन ने माना कि विकास कार्यों में सबसे बड़ी बाधा जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में देरी होती है। ऐसे में संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों की सूची तैयार कर त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके लिए राजस्व विभाग, अभियंताओं और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया है।
बाईपास सड़क और राष्ट्रीय उच्च पथ परियोजनाओं पर फोकस
बैठक में बाईपास सड़क और राष्ट्रीय उच्च पथ परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया। इन परियोजनाओं के पूरा होने से जिले की यातायात व्यवस्था में सुधार आएगा। बाईपास निर्माण से शहर में भारी वाहनों का दबाव कम होगा और जाम से राहत मिलेगी, जबकि राष्ट्रीय उच्च पथ मजबूत होने से कनेक्टिविटी बेहतर होगी और व्यापार व रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
मुआवजा प्रक्रिया होगी तेज और पारदर्शी
भू-अर्जन से प्रभावित रैयतों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि पात्र लाभुकों को समय पर उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि विवाद की स्थिति न बने। इसके लिए डिजिटल माध्यमों के उपयोग को बढ़ाने और प्रक्रिया को सरल बनाने पर जोर दिया गया है।
साथ ही, मुआवजा से संबंधित शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए अधिकारियों को नियमित क्षेत्र निरीक्षण और लाभुकों से संवाद स्थापित करने का निर्देश दिया गया है।
समन्वय और निगरानी पर विशेष जोर
विकास कार्यों की गति बनाए रखने के लिए प्रशासन ने नियमित मॉनिटरिंग और समीक्षा को और सख्त करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे कार्यों की प्रगति की नियमित रिपोर्ट दें और निर्धारित समयसीमा के भीतर योजनाओं को पूरा करने के लिए ठोस कदम उठाएं।