पाकुड संवाददाता,
पाकुड़िया: प्रखंड क्षेत्र में कालाजार उन्मूलन अभियान के तहत एक पीकेडीएल (पोस्ट-कालाजार डर्मल लीशमैनियासिस) रोगी का द्वितीय चरण उपचार शुरू कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में मरीज का इलाज एंबीसोम (AmBisome) दवा से किया जा रहा है, जो लगातार तीन सप्ताह तक चलेगा।
चिकित्सकों के अनुसार, पीकेडीएल कालाजार का ही एक रूप है, जो पहले संक्रमित हो चुके मरीजों में त्वचा संबंधी लक्षणों के रूप में सामने आता है। यदि समय पर इसकी पहचान और उपचार नहीं किया जाए, तो यह संक्रमण के प्रसार का कारण बन सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि कालाजार उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ऐसे मरीजों की पहचान और उनका समुचित उपचार अत्यंत आवश्यक है। इसी दिशा में यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि शरीर पर असामान्य दाग-धब्बे या लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें, ताकि समय पर जांच और उपचार संभव हो सके।
इस अभियान से क्षेत्र में कालाजार नियंत्रण को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।