स्कूली बच्चों और नमाजियों को हो रही भारी दिक्कत, प्रशासन मौन
बरहरवा। बरहड़वा प्रखंड अंतर्गत मिर्जापुर पंचायत की मुख्य सड़कें इन दिनों नरक बन चुकी हैं। सड़क पर कचरे का अंबार, गंदा पानी और चारों तरफ फैला कीचड़ लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। स्कूल जाने वाले बच्चों, नमाजियों और आम राहगीरों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि वर्षों पुरानी है, जो हर बारिश के मौसम में विकराल रूप ले लेती है। सड़क की हालत इतनी बदतर है कि यह धान के खेत जैसी दिखाई देती है। फोटो में नजर आ रही कीचड़मय सड़क असल में मिर्जापुर गांव की मुख्य सड़क है, जो गांव की शुरुआत से लेकर अंतिम छोर तक इसी स्थिति में है।
स्कूल और मस्जिद के पास हालात गंभीर
उक्त्रमित मध्य विद्यालय मिर्जापुर उर्दू और बगल की जामा मस्जिद के पास सबसे अधिक समस्या देखी जा रही है। स्कूल प्रबंधन समिति की निष्क्रियता और पंचायत प्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण बच्चों और नमाजियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
नमाजियों का कहना है कि वजू करके घर से निकलने पर कीचड़ और गंदगी के कारण वजू टूटने का डर बना रहता है, खासकर मगरिब, ईशा और फजर की नमाज के समय अंधेरे में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
स्थानीय प्रयास और कारण
कुछ दिन पूर्व ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से कचरे को हटाने की कोशिश की थी, लेकिन अस्थायी समाधान ज्यादा दिन नहीं टिक पाया। समस्या की जड़ सड़क पर अतिक्रमण और निर्माण सामग्री (मिट्टी, बालू, गिट्टी, ईंट आदि) का खुला ढेर है, जो समय पर नहीं हटाए जाने के कारण बारिश में कीचड़ बन जाता है।
एनएसयूआई छात्र नेता सोएब अख्तर का बयान
छात्र नेता सोएब अख्तर ने बताया कि कई लोगों ने सड़क पर अतिक्रमण कर रखा है। कई मकानों की सीढ़ियां और मुख्य द्वार सड़क से बिल्कुल सटे हुए हैं, जिससे बड़े वाहनों का गांव में प्रवेश कठिन हो गया है। उन्होंने कहा कि जब कोई कृषि उपज की गाड़ी गांव में आती है, तो रास्ता बाधित हो जाता है।
सोएब अख्तर ने प्रखंड एवं जिला प्रशासन से अपील की कि समस्या को गंभीरता से लिया जाए और तत्काल समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएं। उन्होंने चेताया कि जलजमाव और गंदगी के चलते डेंगू, मलेरिया, डायरिया जैसी गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है, जो बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से खतरनाक है।
प्रशासन से मांग
ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता और प्रशासन की अनदेखी के कारण समस्या विकराल होती जा रही है। उन्होंने सड़क पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई इस तरह से सार्वजनिक रास्ते को बाधित न करे।