महिला ने 10 पुरुषों पर दर्ज कराए दुष्कर्म-छेडड़ाड़ के केस, हाईकोर्ट बोला- इसने तो हनीट्रैप को भी पीछे छोड़ दिया; दिया ये आदेश

महिला ने 10 पुरुषों पर दर्ज कराए दुष्कर्म-छेडड़ाड़ के केस, हाईकोर्ट बोला- इसने तो हनीट्रैप को भी पीछे छोड़ दिया; दिया ये आदेश

Views: 92
0 0
Read Time:3 Minute, 36 Second
महिला ने 10 पुरुषों पर दर्ज कराए दुष्कर्म-छेडड़ाड़ के केस, हाईकोर्ट बोला- इसने तो हनीट्रैप को भी पीछे छोड़ दिया; दिया ये आदेश

बेंगलुरू:- (आरएनएस)। कर्नाटक में 10 पुरुषों के खिलाफ अलग-अलग आपराधिक मामले दर्ज कराने वाली महिला की जानकारी को हाईकोर्ट ने सभी थानों में भेजने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने यह आदेश राज्य के डीजीपी को दिया है। महिला 2011 से 2022 के मध्य 10 पुरुषों के खिलाफ केस दर्ज करवा चुकी है। अपने निर्देश में न्यायमूर्ति एम. नागप्रसन्ना ने कानूनी प्रक्रिया के दुरुपयोग को रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया।


जानकारी के मुताबिक, महिला का नाम दीपिका है। उसने 10 मर्दों से शादी की। उनके साथ मर्जी से संबंध बनाए। फिर उन पर रेप का आरोप लगा दिया। एक रिपोर्ट के मुताबिक 28 अगस्त 2022 को मैसूर के होटल ललित महल पैलेस में पीके विवेक ने महिला से एक व्यापारिक लेनदेन के सिलसिले में मुलाकात की थी। इसके कुछ दिन बाद महिला ने विवेक और उनके परिवार के खिलाफ दो केस दर्ज कराए थे। विवेक ने अपनी याचिका में अदालत में बताया कि महिला पिछले 10 सालों में 10 पुरुषों के खिलाफ इसी तरह के केस दर्ज करवा चुकी है।


अदालत ने महिला द्वारा सिलसिलेवार केस दर्ज कराने की प्रवृत्ति पर हैरानी जताई। महिला ने शिकायतों में कुछ पुरुषों को पति बताया तो कुछ पर शादी का वादा करके दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। हालांकि सुनवाई के दौरान वह खुद अनुपस्थित रही। सबूत पेश करने की खातिर भी अदालत नहीं पहुंची। इसके बाद हाईकोर्ट ने पीके विवेक और उनके परिवार के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले को रद्द करने का आदेश दिया। पीके विवेक हसन जिले के सकलेशपुर के रहने वाले हैं और कॉफी बागान के मालिक हैं।
सुनवाई के दौरान जज ने कहा- इस केस ने तो हनी ट्रैप को भी पीछे छोड़ दिया है।

महिला का इरादा स्पष्ट है। मैं शिकायतकर्ता के कृत्यों को एक दशक पुरानी धोखाधड़ी की गाथा मानता हूं। न्यायमूर्ति ने आगे कहा, अगर यह शिकायतकर्ता किसी थाने में केस दर्ज कराना चाहे तो बिना किसी उचित प्रारंभिक जांच के मामला दर्ज नहीं किया जाना चाहिए। यह पुरुषों के खिलाफ बेतहाशा दर्ज हो रहे अपराधों को रोकने की खातिर है। न्यायमूर्ति नागप्रसन्ना ने कहा, इसका उद्देश्य स्पष्ट है। यह केवल उन लोगों को परेशान करना था, जिनका शिकायतकर्ता से कोई लेना-देना नहीं था। एक रिपोर्ट के मुताबिक 10 सालों में महिला ने पांच पुरुषों पर दुष्कर्म, दो पर क्रूरता और तीन पर छेड़छाड़ और आपराधिक धमकी का आरोप लगाया है।

Loading

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

More From Author

नईदिल्ली:विश्व कप ट्रॉफी का मिशेल मार्श ने किया था अपमान

नईदिल्ली:विश्व कप ट्रॉफी का मिशेल मार्श ने किया था अपमान

कुपोषण मुक्त झारखंड पोषण माह को लेकर निकाली गई रैली

कुपोषण मुक्त झारखंड पोषण माह को लेकर निकाली गई रैली

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Web Stories

ताजा खबरें

local news

add

Post