संवाददाता
मनिका/लातेहार:- जिले के चंदवा प्रखंड में सैकड़ों चमगादड़ों की मौत के बाद अब मनिका में भी बड़ी संख्या में चमगादड़ों की मौत हो गई है।प्रखंड के कोइली ग्राम स्थित देव स्थल के पास सैकड़ों की संख्या में चमगादड़ के मरने के बाद वहां के ग्रामीणों ने इसकी सूचना मनिका वन क्षेत्र रेंजर ठाकुर पासवान तथा मनिका के पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर नरेश कुमार साहू दिया।ग्रामीणों से मिली सूचना के बाद मनिका वन क्षेत्र के आरएफओ अपनी टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचे दूसरी ओर बड़ी संख्या में चमगादड़ों के मरने की सूचना के बाद प्रखंड के पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर नरेश साहू भी घटना स्थल पर पहुंचे। डॉक्टर नरेश साहू ने बताया की ग्राम कोइली स्थित देव स्थल पर पहुंचने के बाद उन्होंने देखा की देव स्थल के आस पास वहां काफी संख्या में चमगादड़ मृत पड़े हैं डॉक्टर नरेश साहू ने बताया की प्रथम दृष्टया हिट वेब के कारण बड़ी संख्या में चमगादड़ की मृत्यु होना है। फिर भी सुरक्षा के दृष्टि कोण से उन्होंने पीपी कीट पहन कर मृत चमगादड़ के नमूने लेकर लैब में जांच हेतु भेजने की बात कही।डॉक्टर नरेश साहू ने बताया की सभी मृत चमगादड़ को वन विभाग के कर्मी तथा ग्रामीणों के सहयोग से एकत्रित कर उन्हे घटना स्थल पर लकड़ी जला कर सभी को जला दिया गया ताकि किसी अनहोनी बीमारी से बचा जा सके।बताते चलें की कोइली ग्राम के इस देव स्थल में स्थित पेड़ में वर्षों से चमगादड़ों का बसेरा है जो दिन में उन पेड़ो पर लटके रहते है।डॉक्टर नरेश साहू ने बताया की उन्होंने मौके पर उपस्थित ग्रामीणों को चमगादड़ के मांस नहीं खाने की सलाह दी है।
मृत चमगादड़ों से दूर रहें- डीएफओ
इधर, घटना की जानकारी मिलने के बाद डीएफओ रोशन कुमार ने तत्काल विभागीय कर्मियों को अलर्ट कर दिया। डीएफओ ने आम लोगों से भी अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में मृत चमगादड़ों के पास न जाएं। मृत चमगादड़ों के संपर्क में आना काफी खतरनाक हो सकता है।श्री कुमार ने कहा कि चमगादड़ों की मौत कैसे और क्यों हुई, इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं में मृत पशु या पक्षी किसी गंभीर संक्रमण से संक्रमित हो सकते हैं। जिससे उनके संपर्क में आने वाले लोगों के लिए खतरनाक स्थिति पैदा हो सकती है। इसलिए ग्रामीण न तो मृत चमगादड़ों या अन्य पशु-पक्षियों के पास जाएं और न ही किसी और को उनके पास जाने दें।