वाहन जांच में 48 के खिलाफ कार्रवाई,74 हजार रुपये जुर्माना
बिना हेलमेट 36 चालकों पर कार्रवाई, नशे में वाहन चलाने वाले पर भी जुर्माना

पाकुड़ संवाददाता। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से परिवहन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने डीसी आवास चौक पर वाहन जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 48 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गयी। विभिन्न मामलों में कुल 74 हजार रुपये जुर्माना वसूलने की प्रक्रिया की गयी।
बिना हेलमेट 36 चालकों पर कार्रवाई
अभियान जिला परिवहन पदाधिकारी मोहम्मद मोजाहिद अंसारी, नगर थाना प्रभारी अनिल कुमार गुप्ता, जिला सड़क सुरक्षा प्रबंधक रितेश कुमार सिंह और पुलिस बल की मौजूदगी में चलाया गया।
जांच के दौरान बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वाले 36 चालकों से 36 हजार रुपये, बिना नंबर प्लेट के 19 वाहनों से 9,500 रुपये तथा बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने वाले तीन चालकों से 15 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया।

नशे में ड्राइविंग पर भी कार्रवाई
नशे की हालत में दोपहिया वाहन चलाने वाले एक चालक पर कार्रवाई करते हुए 10,500 रुपये जुर्माना वसूला गया। वहीं, अनधिकृत रूप से संशोधित साइलेंसर लगे दो दोपहिया वाहनों को जब्त कर नगर थाना में रखा गया है। संबंधित वाहन मालिकों को निर्धारित मानक वाला साइलेंसर लगवाने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने वाले दो चारपहिया वाहन चालकों से दो हजार रुपये जुर्माना वसूला गया।
अलग-अलग स्थानों पर जारी रहेगा अभियान
परिवहन विभाग के अनुसार जिले में वाहन जांच अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगा। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में स्थान और समय बदलकर जांच की जाएगी। इस दौरान हेलमेट, सीट बेल्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण, इंश्योरेंस, प्रदूषण प्रमाण-पत्र और नंबर प्लेट सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने और नशे की हालत में ड्राइविंग करने के मामलों में भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
लंबित ई-चालान का भुगतान करने की अपील
परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों से लंबित ई-चालान का भुगतान करने की अपील की है। वाहन मालिक संबंधित सरकारी पोर्टल के माध्यम से अपने बकाया ई-चालान की स्थिति की जानकारी ले सकते हैं। विभाग के अनुसार, लंबित चालान का भुगतान नहीं करने पर नियमानुसार वाहन जब्ती और न्यायालय के माध्यम से आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
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