लातेहार:जिले के उपायुक्त संदीप कुमार ने शनिवार को लातेहार प्रखंड के किनामाड़ स्थित कृषक फार्म और पशुपालन शेड का निरीक्षण कर वहां संचालित योजनाओं और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कृषि और पशुपालन से जुड़ी योजनाओं का लाभ किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने तथा सभी कार्यों को तय समयसीमा और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कृषक फार्म में संचालित कृषक पाठशाला का जायजा लिया। उन्होंने किसानों को दिए जा रहे प्रशिक्षण और कृषि गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की तथा पाठशाला का नियमित संचालन सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा डीपीआर के तहत स्वीकृत पॉली हाउस, तालाब निर्माण और धान की खेती से जुड़े कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। जहां भी कमियां मिलीं, उन्हें 15 दिनों के भीतर दूर कर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि कृषि योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे। इसके लिए नियमित निगरानी और गुणवत्तापूर्ण कार्यान्वयन जरूरी है।
इसके बाद उन्होंने किनामाड़ स्थित पशुपालन शेड का निरीक्षण किया। यहां पशुओं के रखरखाव, साफ-सफाई, चारे और पेयजल की व्यवस्था समेत आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। संबंधित अधिकारियों को शेड का नियमित रखरखाव करने और पशुपालकों को विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में पशुपालन की अहम भूमिका है। ऐसे में पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनकी आय बढ़ाने की दिशा में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। साथ ही शेड की नियमित मॉनिटरिंग और समय पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने पर भी जोर दिया।
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई-2.0) के तहत भुसुर पंचायत के जालिम कला गांव में चल रहे कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पौधारोपण और फसल उत्पादन प्रणाली से जुड़े कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं से ग्रामीणों को अधिकतम लाभ मिले और निर्मित परिसंपत्तियों का नियमित रखरखाव भी सुनिश्चित किया जाए।
इस मौके पर जिला कृषि पदाधिकारी नेहा निश्च, जिला गव्य विकास पदाधिकारी हरिकृष्ण, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. चंदन, भूमि संरक्षण पदाधिकारी विवेक मिश्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।