RANCHI:झारखंड की राजधानी रांची के करम टोली चौक स्थित केंद्रीय धुमकुड़िया भवन में शनिवार को झारखंड सिनेमा व कलाकार कल्याण संस्था द्वारा केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष बबलू मुंडा की अध्यक्षता में की गयी. उन्होंने कहा कि झारखंड में विलुप्त हो रही भाषा एवं कला संस्कृति को संरक्षित करने के लिए अबुआ भाषा सिनेमा की शुरुआत की जायेगी.सभी सिनेमा घरों में स्थानीय भाषाओं की फिल्मों को दिखाने का प्रयास किया जाएगा.झारखंडी कलाकारों द्वारा बनाई गई फिल्मों को पंचायत भवन में दिखाने का प्रयास किया जाएगा.
केंद्रीय आदिवासी मूलवासी सदान मोर्चा के अध्यक्ष सूरज टोप्पो ने कहा कि हमारा समाज अपनी भाषा एवं अपनी संस्कृति को भूलता जा रहा है. इसलिए झारखंडी कला संस्कृति को ज्यादा से ज्यादा फिल्मों में दिखाने का प्रयास किया जाये, ताकि अपनापन दिख सके. फिल्म निर्देशक रंजू मिंज ने कहा कि शहर से लेकर गांव तक झारखंड में बनी फिल्मों को दिखाने का प्रयास किया जाए. इसके लिए झारखंड के सभी कलाकारों को सिनेमा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.