गोमिया।सेना में भर्ती प्रक्रिया पूरी कर सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद मंटू कांत दास मंगलवार को अपने पैतृक गांव गोमिया प्रखंड के गंझूडीह लौटे। गांव पहुंचते ही उनका भव्य एवं भावनात्मक स्वागत किया गया। युवा विकास केंद्र गंझूडीह के तत्वावधान में ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं एवं देशभक्ति नारों के साथ जवान का अभिनंदन किया। इस दौरान पूरे गांव में उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला।
इस अवसर पर युवा विकास केंद्र के सचिव मुकेश राम ने कहा कि सेना में चयनित होकर गांव और क्षेत्र का नाम रोशन करना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि मंटू जैसे अनुशासित और मेहनती युवा देश सेवा के साथ-साथ आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। ग्रामीणों ने भी मंटू की कड़ी मेहनत, लगन और अनुशासन की सराहना करते हुए उन्हें पूरे गांव का गौरव बताया।
घर पहुंचने पर माता-पिता ने तिलक लगाकर अपने बेटे का स्वागत किया। एक वर्ष बाद बेटे को सामने देखकर मां की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। भावुक माहौल में मां ने बेटे को गले लगाया, वहीं पिता ने उसके कंधे पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया। यह दृश्य उपस्थित लोगों को भी भावुक कर गया।
इसके पश्चात मंटू कांत दास ने गांव स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि बाबा साहब के विचार और संविधान में निहित मूल्य ही उन्हें आगे बढ़ने तथा देश सेवा के लिए प्रेरित करते हैं। माल्यार्पण के बाद उन्होंने विधिवत अपने घर में प्रवेश किया।
ग्रामीणों ने आशा व्यक्त की कि मंटू देश सेवा के साथ-साथ समाज और क्षेत्र के युवाओं को भी सही दिशा देने का कार्य करेंगे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा एवं महिलाएं उपस्थित रहीं।