बरहरवा। साहिबगंज जिले के बरहरवा थाना क्षेत्र के शांत और सामान्यत: सुरक्षित माने जाने वाले श्यामपुर गांव में रविवार की रात एक दिल दहला देने वाली वारदात घटी। गांव के 36 वर्षीय युवक मिथुन रविदास की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्या इतनी निर्मम थी कि घटनास्थल का मंजर देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए। मृतक के गले और शरीर पर धारदार हथियार से किए गए कई गहरे घाव थे, जबकि उसकी पीठ को जलाने के भी स्पष्ट निशान मिले।
पत्नी मायके में, बच्चे सो रहे थे पड़ोस में
जानकारी के अनुसार, घटना के समय मृतक मिथुन रविदास घर पर अकेले थे। उनकी पत्नी सिमटी देवी रविवार दोपहर अपने मायके, हिरणपुर थाना क्षेत्र के रामपुर गांव गई हुई थीं। मृतक के दोनों बच्चे उस रात पड़ोस में ही एक परिचित के घर पर सो रहे थे। यह स्थिति हत्यारे के लिए शायद अनुकूल बन गई और उसने रात के अंधेरे में इस भयावह वारदात को अंजाम दे दिया।
सोमवार सुबह जब दोनों बच्चे घर लौटे, तो उन्होंने अपने पिता को खून से लथपथ हालत में चौकी पर पड़ा देखा। यह दृश्य देखकर दोनों मासूम जोर-जोर से रोने लगे। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे।
खून से सना कमरा, खुला मिला दरवाजा
गांव के लोग जब घर में पहुंचे तो दृश्य बेहद डरावना था। चौकी पर मिथुन रविदास का शव पड़ा था, गले और शरीर पर धारदार हथियार से वार के कई गहरे घाव थे। पीठ पर जलाने के स्पष्ट निशान थे। कमरे के फर्श और दीवारों पर चारों ओर खून के छींटे थे, जो इस बात का प्रमाण थे कि हत्या के दौरान जमकर प्रतिरोध या संघर्ष हुआ होगा।
घर के दरवाजे का एक पल्ला खुला हुआ था, जिससे आशंका जताई जा रही है कि या तो हत्यारा अंदर घुसते ही दरवाजा खुला छोड़ गया, या फिर घटना के बाद जल्दबाजी में भागते समय दरवाजा बंद करना भूल गया।
पत्नी को मिली दर्दनाक खबर
घटना की सूचना ग्रामीणों ने मृतक की पत्नी सिमटी देवी को फोन पर दी। खबर सुनते ही वह मायके से दौड़ी-दौड़ी गांव पहुंचीं। पति का शव देखकर वह बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ीं। परिजनों और पड़ोसियों ने किसी तरह उन्हें संभाला, लेकिन उनकी चीखें पूरे गांव में मातम का माहौल बना रही थीं।
पुलिस और जांच दल की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही बरहड़वा इंस्पेक्टर संतोष कुमार, प्रभार थाना प्रभारी सुदामा सिंह, एएसआई रंजय कुमार और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और घटनास्थल से आवश्यक सबूत इकट्ठा किए। कमरे का हर कोना खंगाला गया, खून के नमूने और अन्य साक्ष्य जुटाए गए।
लगभग अपराह्न 4:18 बजे डॉग स्क्वायड टीम भी घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन टीम को कोई ठोस सुराग नहीं मिला। टीम ने बताया कि मौके पर ऐसी कोई वस्तु या गंध का पैटर्न नहीं था, जिससे हत्यारे के भागने की दिशा या उसके ठिकाने का अंदाजा लगाया जा सके।
इसके बावजूद पुलिस तकनीकी और मानवीय दोनों तरीकों से जांच में जुटी है। आसपास के गांवों और संभावित संदिग्धों के बारे में जानकारी इकट्ठी की जा रही है। पुलिस ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि यदि किसी को घटना से जुड़ी कोई भी जानकारी है, तो तुरंत पुलिस को दें।
संभावित कारण: रंजिश या आपसी विवाद
पुलिस के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, यह हत्या किसी गहरी व्यक्तिगत रंजिश या आपसी विवाद का परिणाम हो सकती है। मृतक के आपसी संबंध, पारिवारिक पृष्ठभूमि और लेन-देन से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दिनों मिथुन का किसी के साथ कहासुनी हुई थी, लेकिन इस बारे में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
गांव में दहशत और आक्रोश
इस घटना के बाद से श्यामपुर और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। लोग घरों से कम निकल रहे हैं और एक-दूसरे से बस इसी वारदात की चर्चा कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस तरह की निर्मम हत्या पहले कभी नहीं देखी। कई लोग इसे पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था की कमी मान रहे हैं और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
पुलिस का बयान
इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने घटना को बेहद गंभीर और निंदनीय करार दिया। उन्होंने कहा—
“हम हर एंगल से मामले की जांच कर रहे हैं। तकनीकी साक्ष्यों और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास जारी है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कोई भी क्यों न हो। जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर कानून के हवाले किया जाएगा, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।”
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मिथुन रविदास अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। घटना के बाद से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है और बच्चे बार-बार अपने पिता को ढूंढ रहे हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है, जिससे उनके सामने दोहरी चुनौती खड़ी हो गई है—पति/पिता की मौत का गम और आगे के जीवन-यापन की चिंता।
आगे की जांच और उम्मीदें
पुलिस ने हत्या के इस मामले को अपनी प्राथमिकता सूची में रखा है और लगातार सुराग जुटा रही है। तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स, और मृतक के हालिया संपर्कों की जांच की जा रही है। साथ ही, ग्रामीण इलाकों में गुप्त सूचना तंत्र को सक्रिय किया गया है, ताकि जल्द से जल्द आरोपी तक पहुंचा जा सके।
गांव के लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि पुलिस जल्द ही इस रहस्य से पर्दा उठाएगी और हत्यारे को पकड़कर सख्त सजा दिलाएगी।