- विधानसभा बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद और विधायक का ध्यान आकर्षित करेंगे किसान एवं पंचायत समिति सदस्य
चंदवा (लातेहार): टोरी-चंदवा एनएच 99 (नवीन 22) पर वर्षों से लंबित फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण को लेकर किसानों और ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में, पंचायत समिति सदस्य अयूब खान और क्षेत्र के किसान आगामी 09 मार्च (रविवार) से कामता पंचायत सचिवालय के समीप अनिश्चितकालीन ‘जमीन समाधि सत्याग्रह’ आंदोलन शुरू करेंगे। यह आंदोलन प्रतिदिन पूर्वाह्न 10 बजे से अपराह्न 03 बजे तक चलेगा और अगले दिन भी इसी तरह जारी रहेगा।
तीन साल से अधर में लटका फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण
गौरतलब है कि 03 अप्रैल 2021 को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नीतिन गडकरी और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस फ्लाईओवर ब्रिज का शिलान्यास किया था। लेकिन तीन वर्ष ग्यारह महीने बीत जाने के बावजूद अब तक इस परियोजना पर कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इसका खामियाजा टोरी रेलवे क्रॉसिंग से गुजरने वाले हजारों ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है, जो प्रतिदिन भीषण जाम में फंसने को मजबूर हैं।
फुट ओवरब्रिज का काम भी ठप, छात्रों को हो रही परेशानी
साथ ही, टोरी रेलवे जंक्शन के पश्चिमी क्षेत्र में फुट ओवरब्रिज का निर्माण कार्य चार महीने पहले शुरू हुआ था, लेकिन कुछ समय बाद इसे रोक दिया गया। रेलवे विभाग की लापरवाही के कारण अब तक यह कार्य फिर से शुरू नहीं हो पाया है। इस कारण रेलवे ट्रैक पार करने में स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों, बुजुर्गों और आम नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विधानसभा बजट सत्र के दौरान आंदोलन से सरकार का ध्यान खींचने की रणनीति
इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने के लिए आंदोलनकारियों ने झारखंड विधानसभा के चालू बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री, स्थानीय सांसद और विधायक का ध्यान आकर्षित करने की रणनीति बनाई है। पंचायत समिति सदस्य अयूब खान ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार और रेलवे विभाग इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं करते।
मुख्य मांगे:
- टोरी-चंदवा फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण कार्य तत्काल शुरू किया जाए।
- टोरी रेलवे जंक्शन के पश्चिमी भाग में रुके हुए फुट ओवरब्रिज का कार्य दोबारा शुरू किया जाए।
- रेलवे विभाग और राज्य सरकार जल्द से जल्द जाम की समस्या का समाधान निकालें।
ग्रामीणों में आक्रोश, आंदोलन होगा और तेज
क्षेत्रीय लोगों और किसानों में सरकार और रेलवे विभाग की इस उपेक्षा को लेकर गहरी नाराजगी है। अयूब खान ने चेतावनी दी कि अगर जल्द कोई कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन और उग्र हो सकता है। उन्होंने आम जनता, किसानों और छात्रों से इस आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है।
टोरी-चंदवा फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण लंबे समय से अधर में लटका हुआ है, जिससे हजारों लोगों को रोजाना परेशानी हो रही है। ‘जमीन समाधि सत्याग्रह’ के जरिए आंदोलनकारी सरकार और रेलवे विभाग पर दबाव बनाने की कोशिश करेंगे ताकि जल्द से जल्द इस अधूरे कार्य को पूरा किया जा सके। अब यह देखना होगा कि सरकार इस आंदोलन पर क्या रुख अपनाती है और कब तक इस महत्वपूर्ण परियोजना को पूरा किया जाता है।