अनूप कुमार गुप्ता की रिपोर्ट,
बिशुनपुरा(गढ़वा): बिशुनपुरा प्रखंड अंतर्गत मेन बाजार शंकर मोड़ स्थित संगम कोचिंग सेंटर में बाल विवाह-एक सामाजिक बुराई, इसे रोके एवं बचे , बिंदु पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।
जिसमें मुख्य रूप से थाना प्रभारी राहुल सिंह के द्वारा बच्चों को बताया गया कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जो बच्चों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षिक विकास को प्रभावित करती है। इसे रोकने के लिए बच्चों, खासकर लड़कियों को शिक्षा देने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपने अधिकारों को समझती हैं। शिक्षा से बाल विवाह की प्रवृत्ति में कमी आ सकती है। सरकार द्वारा बाल विवाह के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों को बढ़ावा देना चाहिए, जैसे ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना।
इसके साथ ही, युवाओं के लिए सामुदायिक केंद्रों में शिक्षा और प्रशिक्षण के अवसर भी प्रदान किए जा सकते हैं। वही कोचिंग के छात्र-छात्राओं जैसे दिव्या, सपना, रूपा,जूही सहित अन्य छात्र छात्रों ने भी बाल विवाह रोकथाम पर अपने-अपने बातों को सरल एवं सरस शब्दों में सभी के बीच रखें।
जहां सहायक अध्यापक शिक्षक प्रखंड अध्यक्ष बिशुनपुरा सुरेंद्र कुमार यादव ने भी बच्चों को सम्बोधित करते हुए बोला की बाल विवाह की रोकथाम के लिए सरकार ने पहले ही कानून बनाए हैं।
भारत में, बाल विवाह प्रतिबंध अधिनियम, 2006 के तहत 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़कों का विवाह अवैध है। इस कानून का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना जरूरी है।
मौके पर बाल शिक्षा निकेतन विद्यालय प्रधानाध्यापक रामेश्वर चन्द्रवंशी, कोचिंग संचालक संजय कुमार विश्वकर्मा, लक्ष्मी कुमार गुप्ता, सहित सैकड़ो छात्र-छात्रा उपस्थित थें।