साहिबगंज में सड़क हादसों का कहर, केसरो मोड़ पर हाइवा की चपेट में आने से तीन की मौत
हादसे में तीन की मौत, घायलों की मदद छोड़ वीडियो बनाने में जुटे रहे लोग

- घायलों की मदद के बजाय वीडियो बनाने में जुटे रहे कुछ लोग, स्थानीय युवकों ने दिखाई तत्परता; एसडीपीओ ने यातायात नियमों के पालन और मानवीय संवेदनशीलता की अपील की
पतना/साहिबगंज संवाददाता। साहिबगंज जिले में सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी और तीखे मोड़ों पर लापरवाही से ओवरटेकिंग लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। गुरुवार को केसरो मोड़ के समीप चोखे मोड़ पर 16 चक्का हाइवा की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर जिले में सड़क सुरक्षा और दुर्घटना के बाद लोगों की मानवीय जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घायलों की मदद के बजाय वीडियो बनाने में जुटे रहे लोग
सड़क दुर्घटना के बाद घायलों की जान बचाने के लिए समय पर सहायता मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसके बावजूद केसरो मोड़ पर हादसे के बाद कुछ लोग घायलों की मदद करने के बजाय मोबाइल से फोटो और वीडियो बनाने में जुटे रहे। हालांकि, केसरो के कुछ स्थानीय युवकों ने तत्परता दिखाई। उन्होंने राहगीरों के सहयोग से घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की और प्रशासन को घटना की सूचना दी।

जेसीबी और लोडर की मदद से निकाला गया वाहन में फंसा घायल
हादसे की सूचना मिलने पर प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। वाहन में फंसे एक घायल को बाहर निकालने के लिए जेसीबी और लोडर की मदद लेनी पड़ी। काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला गया। इस दौरान घटनास्थल पर कुछ लोग राहत कार्य में सहयोग करने के बजाय तस्वीरें और वीडियो बनाते नजर आए।
ऐसी घटनाएं समाज के सामने एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा करती हैं कि दुर्घटना के समय प्राथमिकता क्या होनी चाहिए—घटना का वीडियो बनाना या किसी की जान बचाने के लिए मदद का हाथ बढ़ाना?
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि दुर्घटना के समय तमाशबीन बनने के बजाय घायलों की सहायता करें और तत्काल पुलिस तथा एंबुलेंस को सूचना दें। मृतकों के शवों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने से भी बचें, क्योंकि इससे शोकाकुल परिजनों को गहरा मानसिक आघात पहुंच सकता है।
जिले के कई इलाकों में हो चुके हैं भीषण हादसे
साहिबगंज जिले में पिछले कुछ समय के दौरान कई गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इन घटनाओं ने सड़क सुरक्षा और वाहन चालकों की लापरवाही को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
- छोटा रांगा मोड़: रांगा थाना क्षेत्र के बरहरवा-बरहेट मुख्य मार्ग पर तीखे मोड़ के पास टैंकर और टेंपो की टक्कर में दो मासूम बच्चों समेत छह लोगों की मौत हो गई थी।
- दिग्घी फाटक: इसी थाना क्षेत्र में भुटभुटिया और मोटरसाइकिल की आमने-सामने की टक्कर में बाइक सवार तीन लोगों की जान चली गई थी।
- बरहेट थाना क्षेत्र: लोगाई, कदमा, सिंधी और फूलभंगा समेत कई स्थानों पर सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की मौत हो चुकी है।
- बोरियो, राजमहल और बरहरवा: इन थाना क्षेत्रों में भी लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं।
नियमों का पालन करें, दुर्घटना के बाद मदद के लिए आगे आएं : एसडीपीओ
बरहरवा एसडीपीओ नितिन कुमार खंडेलवाल ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार सघन जांच अभियान चला रही है। उन्होंने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने और चारपहिया वाहनों में सीट बेल्ट लगाने की अपील की। उन्होंने तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने से बचने की भी हिदायत दी।
एसडीपीओ ने आम लोगों से अपील की कि सड़क दुर्घटना होने पर तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दें तथा घायलों को मदद पहुंचाने में सहयोग करें। उन्होंने मृतकों के शवों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित नहीं करने की भी अपील की।
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। यातायात नियमों का पालन, सतर्कता और दुर्घटना के समय मानवीय संवेदनशीलता अपनाकर कई अनमोल जिंदगियों को बचाया जा सकता है।
![]()





