बरहरवा दुर्गा मंदिर की स्वर्ण जयंती पर 501 कन्याओं की कलश शोभायात्रा
बरहरवा दुर्गा मंदिर की स्वर्ण जयंती पर 501 कन्याओं की कलश शोभायात्रा

बरहरवा:-मां दुर्गा के जयकारे, सिर पर कलश धारण किये 501 कन्याएं, देवी-देवताओं की मनमोहक झांकियां और ढोल-नगाड़ों की गूंज। कुछ ऐसा ही भक्तिमय और उत्सवी नजारा रविवार को बरहरवा में देखने को मिला। नगर पंचायत क्षेत्र के कुशवाहा टोला स्थित सार्वजनिक श्री श्री दुर्गा मंदिर की 50वीं वर्षगांठ यानी स्वर्ण जयंती के अवसर पर भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गयी। शारदीय नवरात्र और श्री श्री देवी भागवत कथा के आयोजन को लेकर निकली इस शोभायात्रा में श्रद्धा, भक्ति और झारखंडी लोक संस्कृति का अनूठा संगम नजर आया। 501 कन्याओं एवं महिलाओं की सहभागिता ने आयोजन की भव्यता बढ़ा दी। कथावाचक श्रद्धेय संजयकृष्ण स्नेह (व्यासजी महाराज) भी शोभायात्रा में शामिल हुए। जय माता दी के जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान रहा।
पंपिया पोखर से जल लेकर मंदिर पहुंचीं कन्याएं
कलश शोभायात्रा कुशवाहा टोला स्थित दुर्गा मंदिर परिसर से शुरू हुई। नयाटोला, लबदा, सब्जी मंडी, स्टेशन चौक, मेन रोड और पतना चौक होते हुए शोभायात्रा बरहरवा प्रखंड कार्यालय के समीप स्थित पंपिया पोखर पहुंची। यहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलशों में पवित्र जल भरा गया। इसके बाद श्रद्धालु विभिन्न मार्गों से होते हुए वापस मंदिर परिसर पहुंचे, जहां शोभायात्रा का समापन हुआ।

पारंपरिक परिधानों में सजी कन्याएं और महिलाएं सिर पर कलश लेकर चल रही थीं। वहीं, श्रद्धालु हाथों में केसरिया ध्वज लेकर मां दुर्गा के जयकारे लगा रहे थे। शोभायात्रा को देखने के लिए रास्ते में लोगों की भीड़ जुटी रही। कई स्थानों पर पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। शहरवासियों ने सेवा भाव का परिचय देते हुए जगह-जगह शरबत और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की।
झांकियों में दिखे देवी-देवताओं के विविध स्वरूप
शोभायात्रा में शामिल आकर्षक झांकियां लोगों के लिए खास आकर्षण रहीं। मां दुर्गा, मां लक्ष्मी, मां सरस्वती, भगवान शंकर, ब्रह्मा, गणेश, राधा-कृष्ण, राम-सीता और यमराज सहित विभिन्न देवी-देवताओं के स्वरूपों का प्रदर्शन किया गया। धार्मिक प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती झांकियों को देखने के लिए सड़क किनारे लोगों का जमावड़ा लगा रहा। श्रद्धालुओं ने इन दृश्यों को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया। झांकियों ने शोभायात्रा को भव्य और आकर्षक रूप प्रदान किया।
आदिवासी नृत्य ने बांधा समां, दिखी लोक संस्कृति की छटा
शोभायात्रा में धार्मिक आस्था के साथ झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की भी शानदार झलक देखने को मिली। पारंपरिक वेशभूषा में सजे आदिवासी महिला-पुरुषों ने ढोल, नगाड़े और करताल की थाप पर पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने लोगों का ध्यान खींचा और शोभायात्रा के उत्साह को और बढ़ा दिया। धार्मिक जयकारों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज से पूरा वातावरण उत्सवमय बना रहा।
स्वर्ण जयंती पर 22 अक्टूबर तक होंगे धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम
सार्वजनिक श्री श्री दुर्गा मंदिर, कुशवाहा टोला की स्वर्ण जयंती के अवसर पर 11 से 15 अक्टूबर तक श्री श्री देवी भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। वहीं, 16 से 22 अक्टूबर तक सांस्कृतिक कार्यक्रम, भक्ति जागरण और विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। मंदिर की 50वीं वर्षगांठ को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह है। धार्मिक आयोजनों के कारण मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना हुआ है।
मौके पर धीरेंद्र प्रसाद महतो, हरिवंश कुशवाहा, सुमन महतो, सुदेश कुशवाहा, देवाशीष महतो, आशीष कुमार, रविकांत भगत, मुकेश महतो, विष्णु महतो, शुभाशीष कुमार, आकाश कुमार, विश्वजीत कुमार, अजय यादव, प्रमोद कुमार और सुमित गुप्ता सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे।
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