SKMU PG Semester 2 Exam Date Clash With SSC CGL and JTET
एसएससी सीजीएल और जेटेट से टकराईं पीजी सेमेस्टर-2 की परीक्षाएं, एसएफआई ने परीक्षा नियंत्रक को सौंपा ज्ञापन

पाकुड़ संवाददाता। सिद्धू कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय (एसकेएमयू), दुमका की पीजी सेमेस्टर-2 की परीक्षाओं की तिथियां एसएससी सीजीएल और झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) से टकराने के कारण विद्यार्थियों की परेशानी बढ़ गई है। इस समस्या को देखते हुए स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की झारखंड राज्य कमेटी ने विश्वविद्यालय प्रशासन से परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव करने की मांग की है।

एसएफआई के राज्य संयोजक दानिश ने इस संबंध में विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन सौंपकर पीजी सेमेस्टर-2 की परीक्षाएं कुछ दिनों के लिए स्थगित करने की अपील की है।
परीक्षा तिथियों के टकराव से बढ़ी परेशानी
एसएफआई ने कहा कि विश्वविद्यालय में निर्धारित एकेडमिक कैलेंडर के अभाव और अचानक परीक्षा कार्यक्रम जारी होने से विद्यार्थियों के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। पीजी परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तिथियां आसपास होने के कारण छात्रों को आशंका है कि एक परीक्षा में शामिल होने के प्रयास में वे दूसरी परीक्षा से वंचित हो सकते हैं।
11 साल बाद जेटेट, अभ्यर्थियों के लिए अहम मौका
एसएफआई ने झारखंड में करीब 11 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आयोजित हो रही जेटेट परीक्षा को अभ्यर्थियों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। संगठन का कहना है कि लंबे इंतजार के बाद विद्यार्थियों को इस परीक्षा में शामिल होने का मौका मिल रहा है। ऐसे में परीक्षा तिथियों का टकराव उनके लिए गंभीर समस्या बन सकता है।
इसके अलावा, पीजी परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद एसएससी सीजीएल या जेटेट का केंद्र दूसरे शहर में होने पर अभ्यर्थियों को यात्रा और समय प्रबंधन में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव की मांग
एसएफआई ने विश्वविद्यालय प्रशासन से विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए पीजी सेमेस्टर-2 की परीक्षाएं कुछ दिनों के लिए आगे बढ़ाने और संशोधित कार्यक्रम समय रहते जारी करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि परीक्षा तिथियों में उचित बदलाव से विद्यार्थी विश्वविद्यालय की परीक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं, दोनों में शामिल होने का अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
एसएफआई ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मामले में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है, ताकि विद्यार्थियों को दो महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से किसी एक को चुनने के लिए मजबूर न होना पड़े।
![]()




