करमा महापर्व: प्रकृति और भाई-बहन के अटूट प्रेम का उत्सव,लेवाटांड में धूमधाम से आयोजन
Garhwa News

बरडीहा (गढ़वा):
बरडीहा प्रखंड के आदर पंचायत अंतर्गत लेवाटांड गांव में प्रकृति, लोक-आस्था और भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक करमा महापर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पारंपरिक लोकगीतों, मांदर की थाप और सामूहिक नृत्य के बीच पूरा गांव उत्सव के रंग में सराबोर नजर आया।

इस भव्य आयोजन में प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके आगमन पर ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से मांदर-नृत्य के साथ गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम में ग्रामीणों की भारी भीड़ और उत्साह देखने को मिला।
ग्रामीणों ने मुख्य अतिथि का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि करमा जैसे लोकपर्व में प्रशासनिक अधिकारियों की सहभागिता से संस्कृति को नई ऊर्जा मिलती है। “आपकी उपस्थिति हम सभी के लिए गौरव की बात है और यह हमें अपनी परंपराओं को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देती है,” ग्रामीणों ने कहा।
अपने संबोधन में बीडीओ प्रवीण कुमार सिंह ने करमा महापर्व की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध आदिवासी और लोक परंपरा का जीवंत प्रतीक है।
उन्होंने कहा, “करमा पूजा भाई-बहन के प्रेम, आपसी विश्वास और प्रकृति के प्रति हमारे गहरे जुड़ाव को दर्शाता है। यह पर्व जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संदेश देता है।”
उन्होंने आधुनिकता के दौर में पारंपरिक संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर भी जोर दिया और कहा कि ऐसे पर्व समाज को एकजुट रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान युवतियों और महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में करम डाल की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने अपने भाइयों की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। करमा गीतों और सामूहिक नृत्य से पूरा लेवाटांड गांव देर रात तक गूंजता रहा।
अंत में बीडीओ प्रवीण कुमार सिंह ने सभी ग्रामीणों को करमा महापर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए।
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