मनरेगा दिवस पर विशेष रोजगार दिवस का आयोजन,उपायुक्त ने महिला भागीदारी की सराहना की


पाकुड़।02 फरवरी को मनरेगा दिवस के अवसर पर “मनरेगा से विश्वास, रोजगार से विकास” थीम के तहत जिले की सभी पंचायतों में विशेष रोजगार दिवस का आयोजन किया गया।
रोजगार दिवस के निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त पाकुड़ श्री मनीष कुमार हिरणपुर प्रखंड अंतर्गत तोड़ाई पंचायत पहुंचे, जहां पंचायत की मुखिया श्रीमती तेरेसा टुडू एवं सखी दीदी की पूरी टीम द्वारा उनका स्वागत किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली, जिसमें महिलाओं की संख्या अधिक रही। उपायुक्त ने महिला सहभागिता की सराहना की।
उपायुक्त ने स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण एवं शिक्षा पर विशेष बल देते हुए कहा कि प्रत्येक पंचायत में सखी मीटिंग हॉल का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही विकास योजनाओं के सुदृढ़ क्रियान्वयन, बेकरी प्रशिक्षण, सिलाई एवं अन्य कौशल विकास कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मनरेगा दिवस के अवसर पर सौ दिन का रोजगार पूर्ण करने वाले मजदूरों को टोकरी, अंगवस्त्र एवं कुदाल भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही मजदूरों एवं जरूरतमंद लाभुकों के बीच जॉब कार्ड का वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि मनरेगा योजना ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार सृजन का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। उन्होंने बताया कि जिले में बीते एक वर्ष के दौरान मनरेगा के तहत उत्कृष्ट कार्य किए गए हैं, जिसके फलस्वरूप पाकुड़ जिला राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर गौरवान्वित हुआ है।
उन्होंने स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को सशक्त बनाने को प्रशासन की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सखी मीटिंग हॉल में शौचालय सहित सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन भवनों का संचालन पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से किया जाएगा तथा ग्रामीण सामाजिक कार्यक्रमों के लिए भी इनका उपयोग कर सकेंगे।
उपायुक्त ने संपूर्णता अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण पर जोर देते हुए कहा कि सभी केंद्रों में शौचालय, नवजात शिशुओं का वजन मापन, जन्म प्रमाण पत्र निर्गत करने सहित आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। साथ ही पंचायत भवनों में स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने एवं मच्छरजनित रोगों से बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य आवास योजनाओं का उल्लेख करते हुए उपायुक्त ने कहा कि पात्र लाभुकों को चरणबद्ध तरीके से आवास उपलब्ध कराया जा रहा है और सभी जरूरतमंद परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है।
उन्होंने आगामी मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा को ध्यान में रखते हुए अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की। साथ ही बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा समाज के समग्र विकास की आधारशिला है और बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शिक्षा एवं बचत की आदत को बढ़ावा देना आवश्यक है।
उपायुक्त ने आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार वितरण की नियमित निगरानी, बच्चों के जन्मदिन समारोह के आयोजन तथा कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर भी बल दिया। उन्होंने महिलाओं को आरसेटी के माध्यम से उपलब्ध विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ उठाकर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वयं सहायता समूह की दीदियों एवं ग्रामीणों को मनरेगा एवं संपूर्णता अभियान के सफल क्रियान्वयन की शपथ दिलाई। उन्होंने योजनाओं को पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं जनसहभागिता के साथ लागू करने तथा विकास सूचकांकों की शत-प्रतिशत संतृप्ति सुनिश्चित करने का संकल्प दिलाया।
कार्यक्रम में परियोजना पदाधिकारी मोतिउर रहमान, बीपीओ टिंकल चौधरी, एसएमपीओ पवन कुमार, पंचायत मुखिया, कनीय अभियंता परवेश भारती, पंचायत सचिव, जनप्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूह की सदस्याएं,संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
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