झारखंडट्रेंडिंगस्थानीय समाचार

इनपुट डीलरों के लिए कृषि प्रसार सेवा में डिप्लोमा पाठ्यक्रम का शुभारंभ

Views: 78
0 0
Read Time:4 Minute, 24 Second
इनपुट डीलरों के लिए कृषि प्रसार सेवा में डिप्लोमा पाठ्यक्रम का शुभारंभ

तकनीकी रूप से दक्ष उपादान विक्रेता ही किसानों के सशक्त सलाहकार बन सकते हैं : जिला कृषि पदाधिकारी

पाकुड़।
रविवार को संयुक्त कृषि भवन, पाकुड़ स्थित आत्मा सभागार कक्ष में कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) के तत्वावधान में उपादान विक्रेताओं (इनपुट डीलर) के लिए कृषि प्रसार सेवा में डिप्लोमा पाठ्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला कृषि पदाधिकारी सह परियोजना निदेशक, आत्मा, पाकुड़ मृत्युंजय कुमार एवं कृषि विज्ञान केंद्र, पाकुड़ की वरीय वैज्ञानिक किरण कंडिर द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

इनपुट डीलरों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना उद्देश्य

शुभारंभ अवसर पर उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार ने कहा कि इस डिप्लोमा पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य इनपुट डीलरों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है, ताकि वे किसानों को फसल उत्पादन से संबंधित समस्याओं का वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक समाधान उपलब्ध करा सकें। उन्होंने कहा कि सही तकनीकी मार्गदर्शन से खेती की लागत में कमी लाने के साथ-साथ उत्पादकता में वृद्धि संभव है।

उन्होंने जानकारी दी कि यह डिप्लोमा पाठ्यक्रम कुल 40 दिनों की अवधि में दो सत्रों के माध्यम से 80 कक्षाओं में संचालित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त प्रशिक्षण अवधि के दौरान 8 दिनों का प्रायोगिक प्रक्षेत्र भ्रमण भी कराया जाएगा, जिससे प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो सके।

केंद्र एवं राज्य संस्थानों के संयुक्त तत्वावधान में संचालित

जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि यह पाठ्यक्रम भारत सरकार के प्रबंधन संस्थान, हैदराबाद, समेति झारखंड (रांची) एवं आत्मा, पाकुड़ के संयुक्त तत्वावधान में संचालित किया जा रहा है। पाठ्यक्रम के माध्यम से उपादान विक्रेताओं को बीज, उर्वरक एवं कीटनाशी के विक्रय से संबंधित अधिनियमों, नियमों एवं वैज्ञानिक अनुशंसाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

किसानों तक वैज्ञानिक तकनीक पहुंचाने में डीलरों की अहम भूमिका

इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र, महेशपुर की वरीय वैज्ञानिक किरण कंडिर ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम वैज्ञानिकों एवं तकनीकी पदाधिकारियों को किसानों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों तक वैज्ञानिक प्रत्यक्ष रूप से नहीं पहुंच पाते, वहां प्रशिक्षित एवं डिप्लोमाधारी इनपुट डीलर किसानों तक वैज्ञानिक तकनीकों को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

40 इनपुट डीलरों ने लिया प्रशिक्षण में भाग

कार्यक्रम में आत्मा, पाकुड़ के उप परियोजना निदेशक सह कार्यक्रम सुविधाप्रदाता चंद्रमौली, लेखापाल श्री संजय कुमार चौधरी सहित जिले के विभिन्न प्रखंडों से कुल 40 इनपुट डीलर उपस्थित रहे।

Loading

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

About The Author

Related Articles

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%
Back to top button