झारखंड में मोंथा का असर शुरू,रांची में झमाझम बारिश


रांची। राजधानी रांची सहित पूरे झारखंड में सोमवार-मंगलवार की रात से बारिश का जोर शुरू हो गया है। इस मौसम की हलचल का मुख्य कारण है समुद्र-तट से उठकर बना चक्रवाती सिस्टम Cyclone Montha, जिसके प्रभाव से राज्य में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश और तूफानी हवाओं की संभावना जताई जा रही है।
मौसम विभाग India Meteorological Department (IMD) ने रांची समेत राज्य के कई जिलों में “भारी से बहुत भारी बारिश” का अलर्ट जारी किया है।राजधानी रांची में रविवार रात से बारिश ने सिलसिला शुरू कर दिया, जिससे कई इलाकों में जलभराव और सड़कें फिसलन का शिकार बनी हैं।
बारिश का प्रभाव और हालात
रांची के प्रमुख इलाकों जैसे कांताटोली, नामकुम, दरंडा और हाटिया में तेज बारिश के बाद सड़कें तालाब जैसी हो गई हैं। कुछ स्थानों पर ड्रेनेज सिस्टम जाम हो जाने के कारण पानी देर तक नहीं उतर पाया है। एक वीडियो में वहां एक गहरी गड्ढा-सड़क पर खड़ी एसयूवी दिखाई गई है जो बारिश के बाद बने गड्ढे में फँस गई।
साथ ही, झारखंड विद्युत वितरण निगम Jharkhand Bijli Vitran Nigam Limited (JBVNL) ने पिछले दिनों बारिश-तूफान के कारण 45 से अधिक ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने की जानकारी दी है, जिससे कई इलाकों में बिजली गुल हुई।
प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियाँ
IMD ने रांची के लिए येलो-अलर्ट जारी करते हुए आम नागरिकों से अपील की है कि वे ज़रूरी न होने पर बाहर न निकलें, पेड़ों और बिजली के खंभों से सावधानी बरतें और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।
स्थानीय प्रशासन ने भी डरते हुए कहा है कि निकट-वर्ती जलप्रपातों तथा नदी-नालों के प्रवाह में वृद्धि हो सकती है — इसलिए पर्यटकों व स्थानीय निवासियों से खतरनाक इलाकों में न जाने की हिदायत दी गई है।
कृषक-परिसर और भविष्य की तैयारी
इस बारिश के चलते मोंसून (मोंथा) की शुरुआत का संकेत मिल रहा है। लंबे समय से बारिश-की कमी से जूझ रहे किसान इस वर्ष बारिश को लेकर आशावादी हैं क्योंकि पर्याप्त वर्षा से धान, मक्का व अन्य खरीफ फसलों को राहत मिलने की उम्मीद है।
लेकिन दूसरी ओर, लगातार बारिश और जलभराव से सड़क यातायात प्रभावित, जनजीवन थम सकता है। शहर-परिषद ने पहले ही ड्रेनेज सफाई अभियान चलाया था, लेकिन कई इलाकों में अव्यवस्था बन हुई है।
नागरिकों के लिए सुझाव
- तेज बारिश के दौरान बहते जल में न उतरें, नाले-नदियों के किनारे न जाएँ।
- घर से बाहर निकलने पर बम्पर पानी-भराव वाले रास्तों से बचें।
- बिजली-लाइन नीचे लटकती अवस्था में मिले तो तुरंत क्षतिपूर्ति प्रशासन को सूचित करें।
- बच्चों और बुजुर्गों को किसी भी तरह की स्लिप/फिसलन से बचाएं; बारिश में फिसलन का खतरा अधिक रहता है।
- आगामी 24-48 घंटे में मौसम की जानकारी नियमित देखें — ये बारिश लगातार भी हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस चक्रवाती तूफान के कारण झारखंड के कई जिलों में बारिश होने की संभावना है. बुधवार को चतरा, गढ़वा, लातेहार और पलामू के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं 30 और 31 अक्तूबर को गिरिडीह, कोडरमा, लोहरदगा, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग,राँची, खूंटी, गुमला के अलावा दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहेबगंज के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है.।
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