रिपोर्ट :– प्रेम कुमार साहू, घाघरा (गुमला)
घाघरा प्रखंड के हापामुनी गांव में आयोजित पारंपरिक पांच दिवसीय मंडा मेला पूरे उत्साह, भक्ति और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। सोमवार को मेले में शामिल सैकड़ों भोक्ताओं ने घाघरा मुख्यालय में भव्य नगर भ्रमण निकाला, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
नगर भ्रमण के दौरान “बोलो शिरोमणि महेश की जय” के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब गया। स्थानीय लोगों ने भोक्ताओं के स्वागत में पानी, फल और प्रसाद वितरण किया।
भोक्ताओं की कठोर तपस्या का प्रतीक मेला
मेला में शामिल भोक्ता भगवान भोलेनाथ की कृपा प्राप्त करने के लिए कठिन नियम, तप एवं साधना करते हैं। लगातार 5 दिन तक विशेष नियमों का पालन कर वे अपनी आस्था और श्रद्धा का परिचय देते हैं।
यह परंपरा सदियों पुरानी है और स्थानीय समाज में इसका विशेष धार्मिक महत्व है।
31 मार्च को होगा मुख्य आकर्षण “फुलखुंदी” अनुष्ठान
आयोजकों के अनुसार मेले का सबसे महत्वपूर्ण और रोमांचक हिस्सा “फुलखुंदी” अनुष्ठान है, जो 31 मार्च को आयोजित होगा। इसमें भोक्ता जलते हुए अंगारों पर चलकर अपनी दृढ़ आस्था और विश्वास का परिचय देंगे।
इस अनोखी परंपरा को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है।
आयोजन में बड़ी संख्या में भक्तों की भागीदारी
नगर भ्रमण के सफल आयोजन के बाद अब सभी की निगाहें फुलखुंदी अनुष्ठान पर टिकी हैं। इस अवसर पर मुख्य रूप से
आदित्य भगत, राजेश मणि पाठक, अनिरुद्ध चौबे, आशीष कुमार सोनी, निलेश मणि पाठक, बिंदेश्वर साहू, सुरेंद्र साहू, प्रधान उरांव
सहित सैकड़ों भोक्ता उपस्थित रहे।