गोमिया।
सीसीएल कथारा क्षेत्र के गोविंदपुर कोलियरी में संचालित रोड सेल इन दिनों गंभीर कोयला संकट से जूझ रहा है। स्थिति यह है कि कई-कई दिनों में केवल एक या दो ट्रकों में ही कोयला लोड हो पा रहा है। इससे डीओ धारकों, ट्रक मालिकों, मजदूरों और सेल कमेटी से जुड़े लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कमेटी के सदस्यों ने सीसीएल प्रबंधन पर उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।
रोड सेल कमेटी के कृष्णा निषाद ने मंगलवार को स्वांग वन-बी में पत्रकारों से कहा कि प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन की रणनीति बनाई जा रही है। यदि प्रबंधन ने इसी तरह असहयोग जारी रखा, तो ज़बरदस्त आंदोलन और चक्का जाम किया जाएगा।
उमा सिंह ने बताया कि कोयला उपलब्ध कराने को लेकर कई बार परियोजना पदाधिकारी, खान प्रबंधक और सेल्स मैनेजर से गुहार लगाई गई, लेकिन कोई सार्थक पहल नहीं हुई। उन्होंने कहा कि सेल ऑफिसर लंबे समय से अस्पताल के कारण अनुपस्थित हैं, लेकिन उनकी जगह अब तक किसी को तैनात नहीं किया गया है। इस वजह से डीओ धारकों को काफी परेशानी हो रही है और उन्हें अपना पैसा खर्च कर लगातार दौड़ लगानी पड़ रही है।
इसी क्रम में बलराम प्रसाद उर्फ बिट्टू ने कहा कि पिछले ऑफर में मात्र 600 टन कोयला बुक हुआ था, जिसकी वैधता 14–15 दिसंबर तक है। लेकिन प्रबंधन की लापरवाही से अभी भी लगभग 150 टन कोयला उठाव बाकी है।
सुमंजय सिंह ने कहा कि आज से छह महीने पहले गोविंदपुर–स्वांग कोलियरी में लगभग 600 ट्रक प्रतिदिन चलते थे, लेकिन प्रबंधन की उदासीनता के कारण अब केवल 100–150 ट्रक ही काम कर रहे हैं। बाकी ट्रक या तो बैंक ने जब्त कर लिए या मालिक बेचने को मजबूर हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कोयला चोरी हो रहा है और प्रबंधन इसे रोकने में विफल साबित हो रहा है, जिससे रोड सेल को पर्याप्त कोयला नहीं मिल पाता।
ट्रक ऑनर एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय मिश्रा ने बताया कि पिछले छह महीनों से रोड सेल को बंद रखा गया था और स्वांग परियोजना का कांटा भी एक रणनीति के तहत बंद कर दिया गया। विधायक के दबाव में किसी तरह कोयला ऑफर जारी हुआ है, लेकिन उठाव में बेहद कठिनाइयाँ पेश आ रही हैं। उन्होंने कहा कि परियोजना पदाधिकारी और कोलियरी प्रबंधक द्वारा सही तरीके से ‘बेंच’ नहीं बनाने के कारण कोयला आपूर्ति बाधित हो रही है।
ट्रक ऑनर मृत्युंजय सिंह ने कहा कि प्रबंधन की मनमानी के चलते कई ट्रक मालिक भुखमरी के कगार पर पहुँच गए हैं। कई लोगों ने जमीन और गहने बेचकर ट्रक खरीदा था, लेकिन आज कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं।
इस संबंध में गोविंदपुर–स्वांग परियोजना पदाधिकारी अनिल कुमार तिवारी ने बताया कि बेंच निर्माण में समय लग रहा है और जगह की कमी भी है, लेकिन एक-दो दिन में स्थिति सामान्य कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कोलियरी से लेकर हेडक्वार्टर तक की टीम उत्पादन बढ़ाने में जुटी है।