संवाददाता अनूप कुमार गुप्ता
विशुनपुरा (गढ़वा):- शारदीय नवरात्र और विजयादशमी का पर्व शुक्रवार को विशुनपुरा प्रखंड में माँ दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ पूरे भक्ति, श्रद्धा और उल्लास के वातावरण में सम्पन्न हुआ। विभिन्न पूजा समितियों और ग्रामीणों ने विधि-विधान के साथ माँ की आरती उतारी, खोइछा भरा और नम आंखों से विदाई दी।महिला श्रद्धालुओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। उन्होंने मां दुर्गा को बेटी की तरह विदाई दी, जिससे वातावरण भावुक हो उठा और हर ओर भक्ति का ज्वार उमड़ पड़ा।
महिलाओं की अभूतपूर्व भागीदारी
इस वर्ष प्रतिमा विसर्जन में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी ने सबका ध्यान आकर्षित किया। मोहल्लों और गांवों से निकले जुलूसों में महिलाएं ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमती हुई शामिल हुईं। उनके सिर पर बंधे माँ दुर्गा के पट्टे और जोशभरे जयकारों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया।बच्चियां भी देवी गीतों पर नृत्य करती नजर आईं। न्यू यंग मैन ग्रुप, पुरानी बाजार द्वारा निकाले गए जुलूस में सैकड़ों महिलाओं की भागीदारी ने आयोजन को भव्यता प्रदान की।
तीन किलोमीटर लंबी भक्ति यात्रा
पुरानी बाजार से आरंभ हुई प्रतिमा विसर्जन यात्रा गांधी चौक, अपर बाजार, लाल चौक, विष्णु मंदिर रोड होते हुए नगदी जलाशय तक पहुंची। लगभग तीन किलोमीटर लंबे इस यात्रा मार्ग पर भक्तों की टोलियां लगातार भक्ति गीत गाती रहीं और मां की प्रतिमा पर पुष्पवर्षा करती रहीं।बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। माता के जयकारों और ढोल-नगाड़ों की गूंज में भक्तों ने कठिन मौसम को भी पीछे छोड़ दिया।
गांव-गांव में गूंजे जयकारे
मुख्यालय के अतिरिक्त कोचेया, संध्या, पोखरा चौक, अपर बाजार, पिपरी, अमहर, सोनडीहा, जतपुरा, सरांग, पतिहारी, चितरी समेत कई गांवों में भी प्रतिमा विसर्जन यात्राएं निकाली गईं। श्रद्धालु मां की प्रतिमाएं लेकर अपने निर्धारित नदी और तालाबों तक पहुंचे और विसर्जन विधिपूर्वक सम्पन्न किया।बारिश और थकान के बावजूद हर आयु वर्ग के लोग ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते नजर आए।
बच्चों और महिलाओं की उमंग और उत्साह से पूरा इलाका भक्ति और आनंद से सराबोर हो गया।
प्रशासन रहा मुस्तैद, शांति से सम्पन्न हुआ आयोजन
विसर्जन यात्रा के दौरान थाना प्रभारी राहुल सिंह के नेतृत्व में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरती गई। ग्रामीणों के सहयोग और प्रशासन की सक्रियता से पूरे प्रखंड में विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और सौहार्दपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ।ग्रामीणों ने प्रशासन की तत्परता की सराहना की और कहा कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था ने सबका विश्वास बढ़ाया है।
आस्था और उल्लास का अद्भुत संगम
प्रतिमा विसर्जन के साथ ही पूरा विशुनपुरा मां दुर्गा की भक्ति और आस्था की ऊर्जा से आलोकित हो गया। श्रद्धालुओं ने मां से सुख-शांति, समृद्धि और समाज में सौहार्द बनाए रखने की प्रार्थना की।लोगों ने कहा कि दुर्गा पूजा सिर्फ पूजा-पाठ नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा फैलाने का पर्व है।
भक्ति में अनुशासन का संदेश
बारिश, भीड़ और थकान के बावजूद जिस तरह से हजारों श्रद्धालुओं ने अनुशासन और संयम के साथ विसर्जन यात्रा में भाग लिया, वह विशुनपुरा की सांस्कृतिक एकता और सामाजिक चेतना का प्रतीक है। यह आयोजन बताता है कि भक्ति के साथ व्यवस्था और अनुशासन भी जरूरी है।
एकता और सहयोग की मिसाल बना पर्व
यह पर्व सिर्फ धार्मिक आस्था का नहीं, बल्कि सामूहिकता, सहयोग और अनुशासन का भी उदाहरण बना। प्रशासन, पूजा समितियों और ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों ने दुर्गा पूजा और विसर्जन यात्रा को एक यादगार और प्रेरणादायक आयोजन बना दिया।
परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प
माँ दुर्गा के आशीर्वाद से संपन्न हुआ यह उत्सव सभी को यह संदेश देता है कि हर धार्मिक आयोजन में सामूहिकता, शांति और सहभागिता की भावना को बनाए रखना जरूरी है। यह परंपरा भविष्य में भी इसी अनुशासन और उल्लास के साथ आगे बढ़े, यही विशुनपुरा की कामना है।