लातेहार जिला में फाइलेरिया उन्मूलन हेतु MDA-IDA 2025 कार्यक्रम का शुभारंभ आज सदर अस्पताल परिसर में विधायक श्री रामचन्द्र सिंह (मनिका) और उपायुक्त श्री उत्कर्ष गुप्ता ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर दोनों ने फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कर जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने की अपील की।
अभियान के तहत 10 से 25 अगस्त 2025 तक जिले की 7,92,854 आबादी को फाइलेरिया रोधी दवा (डीईसी, एलबेंडाजॉल, आइवरमेक्टिन) खिलाने का लक्ष्य है। पहले दिन 1081 बूथों पर दवा दी जाएगी, इसके बाद स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर छूटे हुए लोगों को अपने सामने दवा खिलाएंगे। 2162 दवा प्रशासकों और 126 सुपरवाइजर्स की टीमें इस कार्य में लगी हैं।
2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को यह दवा नहीं दी जाएगी। उपायुक्त ने लोगों से अपील की कि वे स्वयं और अपने परिवार के सभी सदस्य यह दवा जरूर लें।
सिविल सर्जन डॉ. राज मोहन खलखो ने बताया कि फाइलेरिया (हाथीपांव) विकलांगता का दूसरा सबसे बड़ा कारण है, जो मादा संक्रमित क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है। साल में एक बार अभियान के दौरान यह दवा खाने से रोग की रोकथाम संभव है।
कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि (स्वास्थ्य) डॉ. चंदन सिंह, डीआरडीए निदेशक प्रभात रंजन चौधरी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. चंदन, डॉ. शोभना टोप्पो, राज्य सलाहकार विनय कुमार, डब्ल्यूएचओ प्रतिनिधि डॉ. मनोज कुमार समेत कई अधिकारी व स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। उद्घाटन के बाद विधायक और उपायुक्त ने जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।