झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण का मतदान 13 नवंबर को खत्म हो गया है। 15 जिलों की 43 सीटों पर शाम पांच बजे तक 65 फीसदी तक वोटिंग हुई थी।
झारखंड में इस बार ग्रामीण इलाके में शहरी क्षेत्र से ज्यादा मतदान हुई है।नक्सलियों के गढ़ में आदिवासी वोटरों ने भी खूब वोटिंग की है। झारखंड चुनाव में नक्सलवाद पर लोकतंत्र भारी पड़ा है।
माओवादी गुटों की धमकियों और बहिष्कार के आह्वान को दरकिनार करते हुए झारखंड के उग्रवाद प्रभावित इलाकों में मतदाताओं ने उल्लेखनीय संख्या में मतदान किया है।
चुनाव आयोग (ईसी) के मुताबिक झारखंड में कुल मतदान 64.86 प्रतिशत तक पहुंच गया, जो 2019 के विधानसभा चुनावों के दौरान दर्ज किए गए 3.9 प्रतिशत से ज्यादा है।चुनाव आयोग ने बड़ी जनजातीय आबादी वाले जिलों में मतदान केंद्रों पर उत्साहपूर्ण, उत्सवी माहौल देखा, जिनमें वे जिले भी शामिल हैं जिन्हें पहले माओवादियों का गढ़ माना जाता था।
जिस स्कूल को नक्सलियों ने दो बार उड़ाया, वहां वोटों की लगी लंबी लाइन
लातेहार के मनिका विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले बूथ संख्या 202 राजकीय मध्य विद्यालय बनबिरवा स्कूल में वोटरों की लंबी लाइन लगी हुई थी। इस स्कूल को नक्सलियों ने 2005 और 2009 में दो बार विस्फोट से उड़ाया था। इस बूथ पर वोट डालने को लेकर जबरदस्त उत्साह दिखा था। माना जा रहा था इस स्कूल का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा लेकिन आदिवासी गांव वालों ने दिखा दिया है कि चाहे कुछ भी हो जाए वो लोकतंत्र को खत्म नहीं होने देंगे।
आदिवासी रिजर्व 20 सीटों पर कितने फीसदी हुआ मतदान?
आदिवासी रिजर्व 20 सीटों पर महिला वोटरों की संख्या पुरुष मतदताओं से ज्यादा थी। इस फेज में 30 प्रतिशत वोटर 18 से 29 साल के उम्र के बीच के थे। वहीं 20 से 29 साल के 25.90% तो 18 से 19 साल के 4.7% वोटर थे।
घाटशिला: 70.05 फीसदी (2024) , 70.03% (2019)
गुमला: 65.46 फीसदी (2024) , 63.60% (2019)
सिमडेगा: 68.70% (2024), 61.67% (2019)
सिसई: 71.21% (2024), 71.21% (2019)
तमाड़: 67.12 % (2024), 68.48 % (2019)
सरायकेला: 75.54% (2024), 68.10% (2019)
पोटका: 72.29% (2024), 69.12% (2019)
मनिका: 64.15% (2024), 63.09% (2019)
मनोहरपुर: 63.43% (2024), 61.24% (2019)
कोलबिरा: 68.62% (2024), 64.71% (2019)
लातेहार: 69.70% (2024), 67.44% (2019)
लोहरदगा: 73.12% (2024), 70.99 % (2019)
मंझगांव: 69.40% (2024), 68.08% (2019)
खरसावां: 77.32% (2024), 72.87% (2019)
जमशेदपुर पश्चिम: 55.95% (2024), 53.89% (2019)
जुगलसलाई: 64.53% (2024), 57.74% (2019)
हुसैनाबाद: 59.04% (2024), 58.87% (2019)
ईंचागढ़: 69.00% (2024), 75.63% (2019)
जगन्नाथपुर: 66.26% (2024), 65.12% (2019)
चतरा: 61.16% (2024), 58.75% (2019)
चाईबासा: 68.61% (2024), 66.49% (2019)
चक्रधरपुर: 66.50% (2024), 65.58% (2019)
बरही: 61.10% (2024), 62.63% (2019)
बड़कागांव: 66.32% (2024), 65.77% (2019)
मांडर: 72.13% (2024), 67.58% (2019)
बिशुनपुर: 70.06% (2024), 68.81% (2019)