लातेहार:- बुधवार को जिला स्वास्थ्य विभाग एवं पीरामल फाउंडेशन संयुक्त रूप से सदर अस्पताल सभागार में उप विकास आयुक्त लातेहार सुरजीत कुमार सिंह के अध्यक्षता में एवं सिविल सर्जन डॉ अवधेश कुमार सिंह के उपस्थिति में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया इस कार्यशाला में लातेहार जिला के सभी मीडिया के बंधुवों ने फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिला स्तरीय कार्यशाला में भाग लिया।
सिविल सर्जन डॉ अवधेश सिंह ने आगामी 10 से 25 अगस्त तक चलने वाली फाईलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में लक्षित लभार्थियो को शत प्रतिशत फाईलेरिया की दवा खिलाना सुनिश्चित करना है। सभी लोग अपने स्तर से आमजनो में जागरूकता के लिए काम करेंगे एवं गलत अफवाओं से लोंगो को सचेत करेंगे। जिला मलेरिया कैन्सल्टर सुनील कुमार सिंह ने फाईलेरिया रोग से बारे में बताया की मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटे जाने से फाईलेरिया रोग से ग्रसीत हो जाते हैं, इस का लक्षण एवं प्रभाव पाँच से सात वर्षों में दिखाई देता है। यह एक लाईलाज बीमारी है।
जानकारी एवं जागरूकता से ही इस बीमारी से बचा जा सकता हैं। पीरामल फाउंडेशन सीडी टीम के कार्यक्रम प्रबंधक संजय कुमार गुप्ता ने पीपीटी के माध्यम से फाईलेरिया बीमारी के बारे में विस्तारपूर्वक उपस्थित प्रतिभागियों को जानकारी दी। साथ ही यह भी बताया गया कि झारखंड के सभी 24 जिलों में फाईलेरिया से प्रभावित हैं।
फाईलेरिया रोग हाथीपाव के नाम से भी लोग जानते हैं। कार्यशाला में पीरामल फाउंडेशन एबीसी टीम के प्रोग्राम मैनेजर देबानजन बेनर्जी, प्रोग्राम लीडर तनिमा घोष और गांधी फेलो अजय निषाद उपस्थित थे।