बसंत कुमार गुप्ता व्यूरो प्रमुख गुमला।
गुमला:- शनिवार को उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में उद्योग विभाग एवं सीएसआर मामलों को लेकर कंपनी तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में उपायुक्त ने पदाधिकारियों द्वारा प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर सीएसआर कार्यों की समीक्षा की।
बैठक में मुख्य रूप से सीएसआर हिंडालको कंपनी अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों के विकास करने हेतु आवश्यक निर्देश दिया।
प्रबंधक (सीएसआर ) हिंडाल्को कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2023 -24 में शिक्षा , स्वास्थ्य, विभिन्न संरचनाओं के निर्माण आदि क्षेत्रों में कार्य किया गया है, इसके अलावा टीबी मरीजों को गोद लेने , बांस कारीगरों के बीच टूल किट वितरण, एंबुलेंस संचालन , स्कूल बस संचलन जैसे कार्य भी सीएसआर मद से किए जा रहें हैं। इसके अलावा हिंडाल्को द्वारा सीएसआर मद से कुएं बनाने का भी कार्य किया जा रहा है जिससे पानी की समस्या से लंबे समय तक ग्रामीणों को मुक्ति मिल सके।
इस दौरान उपायुक्त ने हिंडाल्को प्रबंधकों से उनके द्वारा सीएसआर क्षेत्र में दिए जाने वाले स्वास्थ्य संबंधित सुविधाओं के बारे में जानकारी ली, डॉक्टर्स की नियुक्ति सहित अन्य मुख्य बिंदुओं की जानकारी ली। उपायुक्त ने खास कर पाट क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधा को दुरुस्त करने हेतु वहां के स्वास्थ्य उपकेंद्रों के लिए कंपनी द्वारा डॉक्टर्स, एएनएम, जीएनएम एवं ने कर्मियों की नियुक्ति करते हुए स्वास्थ्य उपकेंद्रों के संचालन व्यवस्था को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उपायुक्त ने सभी आवासीय विद्यालयों में नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन करने, एनिमिक बच्चियों को दवाई देने आदि का निर्देश दिया।उन्होंने कंपनी को सिकेल सेल एनीमिया जांच हेतु मशीन उपकरण की खरीद करते हुए शिविर का आयोजन करने का निर्देश दिया।उन्होंने गांव तथा विद्यालयों में लगाए जाने वाले चिकित्सा शिविर में शत प्रतिशत लोगों का आधार कार्ड बनवाने हुए उनका आभा ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्टर कराने की बात कही।
उपायुक्त ने निदेशित करते हुए कहा कि विद्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जांच शिविर के दौरान आई चेकअप भी करें । साथ ही सभी मरीजों का डाटा बेस भी तैयार करें। कंपनी द्वारा सीएसआर मद से बनाए जा रहे हेल्थ सेंटर की भी प्रगति रिपोर्ट के बारे में जानकारी दी गई ।
उपायुक्त ने उक्त के अलावा सभी आंगनवाड़ी केंद्रों एवं विद्यालयों में शौचालय एवं पानी की समस्याओं को लेकर वैकल्पिक उपाय निकालते हुए इन शैक्षणिक संस्थानों में सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। वहीं आवासीय विद्यालयों में सभी प्राथमिक सुविधाओं को दुरुस्त करने की बात कही। उपायुक्त ने विशुनपुर के पाट क्षेत्रों में आलू को खेती को बढ़ावा देने का निर्देश दिया। उन्होंने स्थानीय महिला मंडल एवं किसानों को इसके प्रति जागरूक करने की बात कही। इस दौरान बैठक में उपस्थित खनन के क्षेत्र में कार्य करने वाली अन्य कंपनियों आमती पानी, विकास चंद प्रकाश आदि द्वारा भी किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए।
उद्योग विभाग की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने जिले के बांस कारीगरों के कौशल विकास करते हुए उनके उत्पादों को बड़े बाजारों में लेकर जाने की बात कही। उन्होंने बताया कि बांस से निर्मित फर्नीचर शहरी क्षेत्रों। में बहुत अधिक दामों में। बिकती है, उद्योग विभाग जिला समन्वयक को उपायुक्त ने फर्निटर निर्माण के लिए टूल किट की खरीद करने एवं कारीगरों को इसके लिए प्रशिक्षण भी देने की बात कही।इसके अलावा उपायुक्त ने PMFME/ PMEGP की भी समीक्षा की एवं जिले के अधिक से अधिक नागरिकों को उक्त योजना से अच्छादित करने का निर्देश दिया।इसके अलावा अन्य कई विषयों पर चर्चा करते हुए उपायुक्त द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
बैठक में उपस्थित
बैठक में मुख्य रूप से जीएम डीआईसी,सिविल सर्जन, जिला खनन पदाधिकारी,अंचल अधिकारी विशुनपुर ,अंचल अधिकारी घाघरा ,हिंडालको लोहरदगा प्रबंधकों के अलावा अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे ।