सड़क हादसे में 30 वर्षीय पवन रविदास की मौत, पत्नी और तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
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सड़क हादसे में 30 वर्षीय पवन रविदास की मौत, पत्नी और तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
तीनपहाड़। राजमहल थाना क्षेत्र के सगड़भंगा गांव में गुरुवार देर रात सड़क दुर्घटना में 30 वर्षीय पवन रविदास की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। पवन अपने पीछे पत्नी, दो बेटे और एक बेटी छोड़ गए हैं। परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य की असमय मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद गांव में शोक की लहर है।
सीएससी सेंटर बंद कर भाई के घर पहुंचे थे पवन
जानकारी के अनुसार, पवन रविदास सगड़भंगा पंचायत में वीएलई (विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर) के रूप में कार्यरत थे। इसके साथ ही भवनगांवा मोड़ पर सीएससी सेंटर भी संचालित करते थे। गुरुवार देर रात रोजाना की तरह सेंटर बंद करने के बाद वह अपनी स्कॉर्पियो से केसा खापड़ गांव स्थित अपने छोटे भाई पंकज रविदास के घर पहुंचे। वहां स्कॉर्पियो खड़ी करने के बाद बाइक से अपने घर सगड़भंगा हरिजन टोला के लिए रवाना हुए। हालांकि, उन्हें क्या पता था कि यह उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा।

देर रात तक घर नहीं लौटे तो शुरू हुई तलाश
काफी देर तक पवन के घर नहीं पहुंचने पर परिजनों को चिंता होने लगी। मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद परिजन उनकी तलाश में निकल पड़े। इसी दौरान केसा से सगड़भंगा के बीच मुख्य सड़क पर पवन बाइक समेत गिरे हुए मिले। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से पवन को आनन-फानन में राजमहल अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर राजमहल थाना पुलिस के नंद किशोर यादव और दीवान निराला मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
तीन मासूम बच्चों के भविष्य पर गहराया संकट
पवन की मौत के बाद उनकी पत्नी के सामने दो बेटों और एक बेटी की परवरिश तथा भविष्य संवारने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। महज 30 वर्ष की उम्र में परिवार का सहारा छिन जाने से परिजन गहरे सदमे में हैं। जिन बच्चों के सिर पर पिता का साया था, वे अब उनके बिना जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं। इस हृदयविदारक घटना से पूरे सगड़भंगा गांव में मातम पसरा हुआ है।
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