खनन लदे वाहनों पर परिवहन विभाग की सख्ती, बिना तिरपाल ढुलाई और सड़क पर पार्किंग करने वालों पर होगी कार्रवाई
खनन परिवहन में मनमानी नहीं चलेगी, चालान से लेकर वाहन के कागजात तक की होगी जांच

निशांत कुमार सानू की रिपोर्ट,
पाकुड़ संवाददाता।खनन सामग्री की ढुलाई के नाम पर सड़कों पर मनमानी अब नहीं चलेगी। ओवरलोडिंग, बिना तिरपाल ढके गिट्टी-बालू की ढुलाई और सड़क किनारे ट्रैक्टरों के बेतरतीब पड़ाव पर जिला प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन मालिकों और चालकों को अब जुर्माना ही नहीं, बल्कि वाहन जब्ती और कड़ी कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है।
उपायुक्त मेघा भारद्वाज के निर्देश पर शुक्रवार को जिला परिवहन पदाधिकारी मोहम्मद मोजाहिद अंसारी के नेतृत्व में बाजार समिति फील्ड के मुख्य गेट स्थित पेट्रोल पंप के समीप विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान खनन सामग्री की ढुलाई करने वाले ट्रैक्टर मालिकों, चालकों और व्यावसायिक वाहन संचालकों को सड़क सुरक्षा एवं मोटर वाहन अधिनियम के नियमों का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी गयी। अधिकारियों ने दो टूक कहा कि यातायात बाधित करने और नियमों से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में राहत नहीं मिलेगी।

मुख्य गेट के सामने वाहन खड़ा किया तो होगी कार्रवाई
बाजार समिति फील्ड के मुख्य गेट के सामने मुख्य सड़क पर ट्रैक्टरों और व्यावसायिक वाहनों का जमावड़ा प्रशासन के निशाने पर है। डीटीओ ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सड़क किनारे अनावश्यक वाहन खड़ा करना प्रतिबंधित रहेगा। वाहन सड़क से 20 से 50 मीटर दूर निर्धारित सुरक्षित स्थान पर ही खड़े किये जायें। मुख्य मार्ग पर वाहन लगाकर आवागमन बाधित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।
बिना तिरपाल ढुलाई और ओवरलोडिंग पर नहीं मिलेगी छूट
गिट्टी, चिप्स, बालू और डस्ट जैसी खनन सामग्री को बिना ढके ले जाना अब भारी पड़ सकता है। प्रत्येक वाहन में लदी सामग्री को तिरपाल या अन्य उपयुक्त साधन से पूरी तरह ढकना अनिवार्य होगा। निर्धारित भार क्षमता से अधिक माल लादने और ट्रॉली की डाला बॉडी से ऊपर तक सामग्री भरकर परिवहन करने पर भी कार्रवाई होगी। ट्रॉली की क्षमता बढ़ाने के लिए अवैध रूप से लोहे के एंगल, पटरे या अन्य संरचना जोड़ने वालों के वाहन जब्त किये जा सकते हैं।

मोबाइल में चालान की फोटो नहीं, मूल प्रति रखनी होगी
खनन सामग्री लेकर चलने वाले प्रत्येक वाहन के चालक के पास वैध खनन चालान की मूल हार्ड कॉपी होना अनिवार्य है। केवल मोबाइल में चालान या रसीद की तस्वीर दिखाकर जांच से बचने की कोशिश स्वीकार नहीं की जायेगी। वैध चालान नहीं मिलने पर संबंधित वाहन के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होगी।
कागजात अधूरे मिले तो भी फंसेंगे वाहन मालिक
वाहनों के आरसी, चालक का वैध ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस, प्रदूषण प्रमाणपत्र और जहां लागू हो फिटनेस प्रमाणपत्र दुरुस्त रखने का निर्देश दिया गया है। ट्रॉली के आवश्यक दस्तावेज और निर्धारित स्थानों पर स्पष्ट पंजीकरण संख्या अंकित होना भी अनिवार्य है। दस्तावेजों में कमी मिलने पर संबंधित वाहन और मालिक के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी।
मोबाइल पर बात, नशे में ड्राइविंग और तेज रफ्तार पर भी शिकंजा
खनन परिवहन में लगे ट्रैक्टर चालक निर्धारित गति सीमा का पालन करेंगे। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन, हेडफोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट का इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा। नशे की हालत में वाहन चलाने और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। गंभीर उल्लंघन के मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
परिवहन विभाग के नाम पर वसूली करने वालों की दें सूचना
डीटीओ ने बिचौलियों और दलालों को लेकर भी वाहन मालिकों को आगाह किया। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति परिवहन विभाग के अधिकारी या कर्मचारी का नाम लेकर जांच से छूट दिलाने अथवा नियम विरुद्ध सुविधा देने के नाम पर पैसे मांगता है, तो तत्काल इसकी सूचना जिला परिवहन पदाधिकारी को दें। ऐसे लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जायेगी।
नियम तोड़ने वालों पर नहीं होगी मेहरबानी
डीटीओ ने साफ कहा कि सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। खनन परिवहन से जुड़े सभी वाहन मालिकों और चालकों को निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। नियमों की अनदेखी करने वालों को जुर्माना, वाहन जब्ती और अन्य कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी यातायात व्यवस्था सुचारु रखने में सहयोग की अपील की है।
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