अमड़ापाड़ा दुर्गापूजा 2026: 15 फीट की प्रतिमा, पांच मंजिला पंडाल होगा आकर्षण
अमड़ापाड़ा में दुर्गापूजा की भव्य तैयारी, 15 फीट की प्रतिमा और पांच मंजिला पंडाल होगा आकर्षण

35 लाख रुपये से अधिक खर्च का अनुमान, चंदन नगर की विद्युत सज्जा और कोलकाता की पुष्प सज्जा से जगमगाएगा बाजार
अमड़ापाड़ा संवाददाता, निशांत कुमार सानू। पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा में इस वर्ष दुर्गापूजा को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए सार्वजनिक दुर्गापूजा समिति की ओर से व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। वैष्णवी दुर्गा मंदिर में पांच मंजिला महलनुमा पंडाल, 15 फीट ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा, चंदन नगर की आकर्षक विद्युत सज्जा और कोलकाता की पुष्प सज्जा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनेगी। पूजा समारोह पर करीब 35 लाख रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है।
करीब 12,500 वर्गफीट क्षेत्र में तैयार हो रहा पंडाल अपनी भव्य बनावट और सजावट के लिए खास होगा। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों, मनोरंजन के साधनों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी समिति ने विशेष इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर में शारदीय नवरात्र के छठे दिन शुक्रवार को मां कात्यायनी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। वाराणसी और प्रयागराज से आए आचार्य सुनील मिश्र एवं नागेश मिश्र धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करा रहे हैं।

10 लाख रुपये से अधिक की लागत से बन रहा पांच मंजिला पंडाल
इस वर्ष दुर्गापूजा पंडाल का निर्माण अमड़ापाड़ा के भगत डेकोरेटर्स द्वारा किया जा रहा है। लगभग 12,500 वर्गफीट क्षेत्र में पांच स्तरों वाला महलनुमा पंडाल तैयार किया जा रहा है। इसके निर्माण पर 10 लाख रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। पंडाल में एक साथ करीब 2,500 श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था होगी।
भगत डेकोरेटर्स के संचालक उत्तम भगत ने बताया कि पंडाल को आकर्षक रूप देने के लिए विशेष मेहनत की जा रही है। वहीं, सार्वजनिक दुर्गापूजा समिति के अध्यक्ष संजीव कुमार उर्फ बबलू भगत ने बताया कि पूरे पूजा समारोह पर करीब 35 लाख रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है।
बंगाल के मूर्तिकार ने बनाई 15 फीट ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा
पूजा समारोह में मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। पश्चिम बंगाल के मूर्तिकार राजकुमार सेन ने करीब 15 फीट ऊंची प्रतिमा का निर्माण किया है। प्रतिमा को आकर्षक स्वरूप दिया गया है, जो भव्य पंडाल की सुंदरता को और बढ़ाएगी।

चंदन नगर की रोशनी से जगमगाएगा बाजार
दुर्गापूजा के दौरान अमड़ापाड़ा का बाजार रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाएगा। चंदन नगर के कारीगरों द्वारा विशेष विद्युत सज्जा की जा रही है। बाजार क्षेत्र में नौ बड़े लाइट गेट बनाए गए हैं। सड़कों के साथ बड़े-बड़े पेड़ों पर भी आकर्षक रोशनी की व्यवस्था की जा रही है। वहीं, कोलकाता के कारीगरों की पुष्प सज्जा पंडाल की खूबसूरती को नया रूप देगी। पूजा के दौरान करीब दो किलोमीटर के दायरे में ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाए जाएंगे।
महाष्टमी पर गंगा आरती, नवमी और दशमी को डांडिया
धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पूजा समारोह का प्रमुख हिस्सा होंगे। महाष्टमी पर वाराणसी की टीम द्वारा गंगा आरती प्रस्तुत की जाएगी। बच्चों के जूनियर और सीनियर वर्ग के लिए नृत्य प्रतियोगिता आयोजित होगी।
नवमी और दशमी को डांडिया कार्यक्रम में जॉकी प्लेयर शिवि, एंकर पायल भगत और कोलकाता के कृष्ण कन्हैया ग्रुप की प्रस्तुतियां होंगी। इसके अलावा धनबाद के आदित्य म्यूजिकल ग्रुप द्वारा भक्ति गीतों का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रसारण दो बड़े एलईडी स्क्रीन के माध्यम से किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु प्रस्तुतियों का आनंद ले सकें।
तारामाची, ब्रेकडांस और मीना बाजार भी रहेंगे आकर्षण
पूजा में आने वाले बच्चों और परिवारों के मनोरंजन के लिए तारामाची, ब्रेकडांस सहित विभिन्न मनोरंजक साधनों की व्यवस्था की जा रही है। मंदिर के आसपास मीना बाजार भी लगाया जाएगा। इससे पूजा परिसर में धार्मिक उत्साह के साथ मेले जैसा माहौल देखने को मिलेगा।
16 सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में 16 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा पेयजल, चाय-पानी के स्टॉल, हेल्थ कैंप और खोया-पाया काउंटर की व्यवस्था की जाएगी। पुलिस प्रशासन के लिए अलग स्थान निर्धारित किया गया है। वाहनों की पार्किंग के लिए स्थल चिह्नित किए गए हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस सेवा और पानी के टैंकर का भी इंतजाम रहेगा।
पूजा समारोह के संचालन के लिए 158 सदस्यीय समिति सक्रिय रहेगी। समिति के अध्यक्ष संजीव कुमार उर्फ बबलू भगत ने बताया कि सभी सदस्य नाम और मोबाइल नंबर अंकित फोटोयुक्त पहचान बैज पहनेंगे। समिति के सदस्यों की सूची स्थानीय प्रशासन को भी उपलब्ध करा दी गई है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर बेहतर समन्वय के साथ व्यवस्था संभाली जा सके।
सौ साल पुरानी परंपरा के तहत दो नवंबर को होगा प्रतिमा विसर्जन
अमड़ापाड़ा की दुर्गापूजा में धार्मिक आयोजन के साथ पुरानी परंपराओं का भी विशेष महत्व है। विजयादशमी पर नगर भ्रमण के बाद कलश का विसर्जन स्थानीय बांसलोई नदी में किया जाएगा। वहीं, सौ वर्षों से अधिक समय से चली आ रही परंपरा के अनुसार, 25 अक्टूबर को लक्ष्मी पूजा संपन्न होने के बाद दो नवंबर को मां दुर्गा सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का नगर भ्रमण कराया जाएगा। इसके बाद प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। समिति परंपरा के निर्वहन और आयोजन को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए तैयारियों में जुटी है।
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