बरहरवा बड़ी काली मंदिर में सर्वपितृ अमावस्या पर उमड़ी भीड़
Pakud News

बरहरवा। : पितृ पक्ष के समापन पर शनिवार को बरहरवा के कालीतला स्थित ऐतिहासिक श्री श्री बड़ी काली मंदिर में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर आयोजित विशेष पूजा-अर्चना में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। वैदिक मंत्रोच्चार, चंडी पाठ और मां काली के जयकारों से देर रात तक मंदिर परिसर गूंजता रहा। फूल-मालाओं और दीपों से सजे मंदिर में श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश नवाकर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
वैदिक मंत्रोच्चार से शुरू हुआ अनुष्ठान, देर रात हुई निशि पूजा
मंदिर के मुख्य पुरोहित पं. तरुण बनर्जी महाराज के सानिध्य में विशेष पूजा की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और चंडी पाठ के साथ हुई। इसके बाद निर्धारित तांत्रिक विधि-विधान के अनुसार हवन, बलि और अमावस्या पूजन संपन्न कराया गया। रात गहराने के साथ निशि पूजा का अनुष्ठान पूरा हुआ। इसके बाद मां काली की भव्य महाआरती की गई। आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। पूजा के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।

हर अमावस्या पर होती है विशेष पूजा
मंदिर प्रबंध समिति के महासचिव अमन राय ने बताया कि ऐतिहासिक श्री श्री बड़ी काली मंदिर में प्रत्येक महीने अमावस्या पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। सर्वपितृ अमावस्या पितृ पक्ष का अंतिम दिन होता है। इस दिन श्रद्धालु अपने ज्ञात-अज्ञात पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध और तर्पण करते हैं। शनिवार को शनि अमावस्या का संयोग होने से पूजा का धार्मिक महत्व और बढ़ गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
आयोजन में सेवकों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
विशेष पूजा के दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मां काली के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। आयोजन को सफल बनाने में मंदिर के सेवक आकाश भास्कर, दुलाल शाह, सुजॉय शाह, सोमू भास्कर, सोम दास, जय शाह, नंदनी साह और पिया साह समेत अन्य लोगों ने सक्रिय योगदान दिया। देर रात तक चले धार्मिक अनुष्ठान के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा, आस्था और भक्ति का माहौल बना रहा।
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