मुनीलाल श्मशान घाट में अंतिम संस्कार में 3 घंटे की देरी, व्यवस्था पर उठे सवाल
चिता तैयार, लेकिन राजा का इंतजार


कोटालपोखर, संवाददाता। मौत के बाद सम्मानजनक अंतिम विदाई हर परिवार की अपेक्षा होती है, लेकिन साहिबगंज के मुनीलाल श्मशान घाट में एक परिवार को अंतिम संस्कार के लिए करीब तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। केलावाड़ी निवासी विनोद पासवान के निधन के बाद उनके परिजन—पप्पू पासवान, सूरज पासवान और अन्य स्वजन—शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट लेकर पहुंचे थे।
चिता तैयार, लेकिन राजा का इंतजार
परिजनों ने अंतिम संस्कार की पूरी तैयारी कर चिता भी सजा दी थी, लेकिन घाट छुड़ाने वाले “राजा” के समय पर नहीं पहुंचने के कारण अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। परिजन लगातार करीब तीन घंटे तक उनका इंतजार करते रहे और इस दौरान संपर्क करने का भी प्रयास किया गया।
तीन घंटे बाद पहुंचे, फिर हुआ मान-मनौव्वल
करीब तीन घंटे बाद घाट छुड़ाने वाले राजा श्मशान घाट पहुंचे। इसके बाद भी कुछ देर तक बातचीत और मान-मनौव्वल चलता रहा। काफी देर के प्रयासों के बाद वे शव को अग्नि देने के लिए तैयार हुए, जिसके बाद विनोद पासवान का अंतिम संस्कार संपन्न हो सका।
व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने श्मशान घाट की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि अंतिम संस्कार जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में इस तरह की देरी अत्यंत पीड़ादायक और अस्वीकार्य है। उन्होंने जिला प्रशासन और नगर परिषद से व्यवस्था को सुचारु और सम्मानजनक बनाने की मांग की है।
नप प्रशासक ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
नगर परिषद साहिबगंज के प्रशासक अभिषेक कुमार सिंह ने कहा कि श्मशान घाट में घाट छुड़ाने वाला व्यक्ति प्रतिनिधि के रूप में कार्य करता है। यदि उसके द्वारा अधिक राशि लेने या लापरवाही बरतने की शिकायत मिलती है, तो जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही बोर्ड की बैठक कर शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति न हो।
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