कोटालपोखर संवाददाता।
साहिबगंज और पाकुड़ जिले को जोड़ने वाली पाकुड़-बरहरवा एनएच-133ए की जर्जर स्थिति को देखते हुए इसके शीघ्र मरम्मत की पहल तेज हो गई है। इस संबंध में झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम ने विभागीय पदाधिकारियों के साथ एनएच-133ए लिंक पथ का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान पूर्व मंत्री ने बताया कि पाकुड़-बरहरवा मुख्य सड़क कई स्थानों पर पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, जिससे जगह-जगह जल जमाव की समस्या उत्पन्न हो रही है। उन्होंने कहा कि इस सड़क की मरम्मत अत्यंत आवश्यक है ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
उन्होंने केंचुआ पुल से भीमपाड़ा तथा श्रीकुंड से पलाशबोना तक के संकीर्ण मार्गों का भी जायजा लिया। इन स्थानों पर आवागमन में हो रही कठिनाइयों को देखते हुए गार्डवाल निर्माण की पहल करने की बात कही। गार्डवाल बनने से संकीर्ण रास्तों पर वाहनों का आवागमन सुचारु रूप से हो सकेगा और जाम की समस्या से भी निजात मिलेगी।
आलमगीर आलम ने कहा कि सड़क की मरम्मत के बाद पलाशबोना, कोटालपोखर, श्रीकुंड और बरहरवा क्षेत्र के लोगों को जर्जर सड़क से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को शीघ्र डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर भेजने का निर्देश दिया।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस सड़क का मेंटेनेंस अवधि समाप्त हो चुकी है, जिसके कारण पूर्व संवेदक से मरम्मत कार्य नहीं कराया जा सकता। अब नए सिरे से मरम्मत कार्य की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
पूर्व मंत्री ने कहा कि राज्य की गठबंधन सरकार झारखंड में जर्जर सड़कों को दुरुस्त करने के लिए प्रतिबद्ध है और दुर्गम क्षेत्रों में भी सड़क नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र की सभी खराब सड़कों की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी।
इस मौके पर एनएच के सहायक अभियंता राकेश भगत, कनीय अभियंता देव सोरेन एवं विक्टर बेसरा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।