महुआडांड़ में जनजाति समुदायों ने उठाई जाति प्रमाण पत्र की मांग, एसडीओ-बीडीओ को सौंपा ज्ञापन
महुआडांड़(लातेहार)। महुआडांड़ प्रखंड के लोहरा-लोहार, बड़ाईक-चिक बड़ाईक और भूईहर-मुंडा समुदाय के लोगों ने सोमवार को जाति प्रमाण पत्र जारी करने की मांग को लेकर अनुमंडल कार्यालय पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। जनजाति सुरक्षा मंच के नेतृत्व में पहुंचे लोगों ने अनुमंडल पदाधिकारी सुलेमान मुंडारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष बैठा को संयुक्त रूप से आवेदन देकर जल्द कार्रवाई की मांग की।
समुदाय के प्रतिनिधियों ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से पूर्व में जारी संबंधित पत्र के अनुसार इन तीनों समुदायों को जनजाति श्रेणी का जाति प्रमाण पत्र मिलना चाहिए। इसके बावजूद अब तक प्रमाण पत्र निर्गत नहीं होने से छात्रों को छात्रवृत्ति, शिक्षा और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में कहा गया कि महुआडांड़ प्रखंड के इन समुदायों के लोग वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं और जनजातीय परंपरा एवं पहचान से जुड़े हैं। इसके बावजूद प्रमाण पत्र नहीं बनने से युवाओं और विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र प्रक्रिया पूरी कर पात्र लोगों को प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने की मांग की।
आवेदन सौंपने वालों में जनजाति सुरक्षा मंच के जिला संयोजक के अलावा भूईहर-मुंडा समाज, बड़ाईक-चिक बड़ाईक समाज और लोहरा-लोहार समाज के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि शामिल रहे। बड़ी संख्या में समाज के लोग भी इस दौरान मौजूद थे।
अनुमंडल पदाधिकारी सुलेमान मुंडारी ने बताया कि जनजाति सुरक्षा मंच की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ है। आवेदन में उठाए गए बिंदुओं का परीक्षण कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।