बालूमाथ प्रखंड के गेरेंजा गांव में हराफू स्कूल के पास ग्राम सभा आयोजित की गई, जिसमें ग्रामीणों ने एनटीपीसी की जमीन अधिग्रहण योजना के खिलाफ जमकर विरोध किया। ग्रामीणों का कहना था कि यह जमीन उनके पूर्वजों की है और कई पीढ़ियों से उनके कब्जे में है। उन्होंने चेतावनी दी कि कंपनी आने पर वे विस्थापित हो जाएंगे।
सरना समिति के प्रखंड सचिव शंकर उरांव ने कहा कि कंपनी प्रशासन के संरक्षण में ग्रामीणों की जमीन जबरदस्ती हथिया रही है और दलालों के माध्यम से लोगों को फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अब जाग चुके हैं और किसी भी कीमत पर अपनी खेतिहर जमीन एनटीपीसी को नहीं देंगे। शंकर उरांव ने यह भी कहा कि वे हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट, राष्ट्रपति और राज्यपाल तक जाएंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे।
ग्राम प्रधान परमेश्वर गंझू सहित अन्य स्थानीय प्रतिनिधि और जिला परिषद उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह उर्फ बिट्टू सिंह भी मौके पर मौजूद थे। विरोध में सैकड़ों पुरुष और महिलाएं शामिल हुए और उन्होंने अपनी जमीन बचाने का दृढ़ संकल्प जताया।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि एनटीपीसी को जमीन हस्तांतरण के लिए संरक्षण न दिया जाए और जल, जंगल, जमीन को बचाने में पुलिस और प्रशासन ग्रामीणों का सहयोग करें।
अनीता देवी ने बताया कि ग्रामीणों के साथ किसी भी कीमत पर अन्याय बर्दास्त नहीं किया जाएगा l