लातेहार।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय संजय कुमार दुबे की अदालत के आदेश पर काराधीन अभियुक्त आतिश उरांव और पीड़िता सविता कुमारी का विवाह हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न कराया गया। जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान दोनों की विवाह-इच्छा प्रकट होने पर अदालत ने शादी कराने का आदेश दिया था।
अदालत के निर्देश पर अभियुक्त को कड़ी सुरक्षा के बीच प्राचीन देवी मंडप, अंबा कोठी स्थित विवाह स्थल पर लाया गया। पीड़िता, अभियुक्त, दोनों पक्षों के माता-पिता और परिजनों की मौजूदगी में पंडित दिलीप शुक्ला ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विवाह संस्कार पूरा कराया।
अभियुक्त के अधिवक्ता सुनील कुमार ने बताया कि आतिश उरांव पर शादी से मुकरने का आरोप लगाते हुए चंदवा थाना कांड संख्या 220/2025, बीएनएस की धारा 64(2)(m) के तहत मामला दर्ज कराया गया था। वह 8 अक्टूबर 2025 से मॉडल कारा में बंद था।
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने पीड़िता को नोटिस जारी किया था। पीड़िता के अधिवक्ता राजा कुमार ने उसे अदालत में प्रस्तुत किया, जहां उसने विवाह की स्वेच्छा जताई। दोनों पक्षों के बालिग होने के प्रमाणपत्र माता-पिता द्वारा अदालत में जमा किए गए।
सभी औपचारिकताओं की पुष्टि के बाद अदालत ने विवाह कराने का आदेश पारित किया। विवाह संपन्न होने के बाद नवदंपति एवं परिजन खुशी से झूम उठे।
पीड़िता ने कहा कि विवाह से इंकार करने पर ही उसने मुकदमा दायर किया था। विवाह होने के बाद अब अभियुक्त की जमानत याचिका पर निर्णय लंबित है।