दो करोड़ की सड़क योजना पर घमासान,नगर परिषद के खिलाफ पार्षदों का धरना 8 अक्टूबर को
योजना चयन में मनमानी और नियमों की अनदेखी का आरोप, 11 वार्डों की योजनाओं की जांच व कार्यादेश पर रोक की मांग

पाकुड़ संवाददाता। नगर परिषद क्षेत्र में दो करोड़ रुपये की सड़क निर्माण योजनाओं के चयन को लेकर विवाद गहरा गया है। योजना चयन से असंतुष्ट पार्षदों ने नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 8 अक्टूबर को नगर परिषद कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। पार्षदों ने योजना चयन में मनमानी और नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
आपत्तियों के बावजूद प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आरोप
पार्षदों का कहना है कि दो करोड़ रुपये की सड़क मद से योजनाओं के चयन को लेकर पूर्व में कई बार आपत्ति दर्ज करायी गयी थी। विभागीय मंतव्य आने तक योजना चयन की प्रक्रिया रोकने की मांग भी की गयी थी। आरोप है कि इन आपत्तियों पर समुचित विचार किये बिना प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। इससे योजना चयन की पारदर्शिता और वैधानिकता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

11 वार्डों की योजनाओं की जांच की मांग
पार्षदों ने स्थायी समिति से पारित 11 वार्डों की योजनाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि योजनाओं की वैधानिकता और नियमसंगतता की जांच करायी जानी चाहिए। यदि चयन प्रक्रिया नियमों के विपरीत पायी जाती है तो संबंधित निविदाओं को रद्द कर नगर परिषद के सभी 21 वार्डों के लिए नियमानुसार नए सिरे से योजनाओं का चयन किया जाये।
कार्यादेश और एकरारनामा पर रोक की मांग
पार्षदों ने एसडीओ साइमन मरांडी को आवेदन देकर 8 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक धरना देने की अनुमति मांगी है। उनकी प्रमुख मांग है कि विभागीय मंतव्य आने तक सड़क योजनाओं से संबंधित एकरारनामा, कार्यादेश और अन्य अग्रतर कार्रवाई पर रोक लगायी जाये।
पुतला दहन की चेतावनी
आंदोलन के दौरान पार्षदों ने नगर परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और कार्यपालक पदाधिकारी का प्रतीकात्मक पुतला दहन करने की चेतावनी भी दी है। हालांकि उन्होंने आंदोलन को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से करने की बात कही है। धरना-प्रदर्शन की घोषणा के बाद दो करोड़ रुपये की सड़क योजना को लेकर नगर परिषद की अंदरूनी खींचतान और तेज होने के आसार हैं।
आवेदन पर रूपाली सरकार, भीम सिंह, किरण कापरी, असलम अंसारी, मिथुन मरांडी, उज्जवल हाड़ी, आलमगीर अंसारी समेत कई पार्षदों के हस्ताक्षर हैं।
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