मदन शाही के छाता मेले में उमड़ा जनसैलाब,आदिवासी परंपरा के बीच दिखी भाईचारे की खूबसूरत तस्वीर
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बोरियो।प्रखंड के मदन शाही गांव में जिउतिया पर्व के अवसर पर आयोजित टोप्पो छाता मेला इस बार आदिवासी संस्कृति के साथ सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का संदेश भी दे गया। जिला मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर आयोजित मेले में आदिवासी समाज के महिला-पुरुषों के साथ मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अलग-अलग समुदायों की साझा भागीदारी ने मेले के माहौल को खास बना दिया।

वर्षों पुरानी परंपरा,आज भी बरकरार
मदन शाही गांव में जिउतिया पर्व के अवसर पर टोप्पो छाता मेला आयोजित करने की परंपरा वर्षों पुरानी है। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण इस मेले में पहुंचते हैं। पारंपरिक लोक संस्कृति, मेल-जोल और ग्रामीण जीवन की झलक दिखाने वाला यह मेला लोगों के लिए मनोरंजन के साथ सामाजिक मिलन का भी अवसर बनता है।
जलेबी और मूढ़ी-मिठाई की दुकानों पर रही खास भीड़
मेले में तरह-तरह की दुकानें सजी थीं। खासकर जलेबी और मूढ़ी-मिठाई की दुकानों पर लोगों की खूब भीड़ रही। बच्चों ने मेले में घूमकर अपनी पसंद की चीजें खरीदीं, वहीं ग्रामीणों ने भी परिवार के साथ खरीदारी और मेले का आनंद उठाया। पूरे परिसर में दिनभर चहल-पहल और उत्साह का माहौल रहा।
आदिवासी संस्कृति के साथ सौहार्द का संदेश
टोप्पो छाता मेला केवल मनोरंजन और खरीदारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने सामाजिक एकता की मजबूत तस्वीर पेश की। आदिवासी समाज की पारंपरिक संस्कृति से जुड़े आयोजन में मुस्लिम समुदाय के लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आपसी विश्वास और भाईचारे को सामने रखा। ग्रामीणों का कहना था कि ऐसे आयोजन समाज के विभिन्न वर्गों को एक-दूसरे के करीब लाते हैं और सद्भाव की भावना को मजबूत करते हैं।
मौके पर अलाउद्दीन मुखिया, छोटे लाल प्रधान, जितेंद्र मुंडा, संदीप मुंडा, झामुमो बड़ा तोफिर प्रखंड अध्यक्ष इस्तहाक अंसारी, वाजिद अध्यक्ष, आलमगीर, शिवदयाल, अनितलाल, राज कुमार, ओमप्रकाश, बॉबी, मसूद समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
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