पाकुड़ में खनिज बिल के खिलाफ राजद का धरना,केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
Pakud News

पाकुड़ (झारखंड):
खनिज एवं खनिज विकास एवं विनियमन संशोधन बिल 2026 के विरोध में गुरुवार को समाहरणालय के समीप राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की ओर से एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व राजद जिलाध्यक्ष महावीर मड़ैया ने किया।
धरना शुरू होने से पूर्व कार्यकर्ताओं ने हाल ही में हुए दुखद घटनाओं, जिसमें मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की पुत्री तृषा सिंह सहित अन्य दिवंगत लोगों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई।

बिल के विरोध में उठाई आवाज
राजद जिलाध्यक्ष महावीर मड़ैया ने कहा कि उनकी पार्टी इस संशोधन बिल का पुरजोर विरोध करती है और इसे वापस लेने की मांग करती है। उन्होंने कहा कि यह बिल झारखंड जैसे खनिज संपदा से समृद्ध राज्य के हितों को प्रभावित कर सकता है।
उन्होंने कहा कि राज्य में कोयला, बालू, पत्थर, आयरन और तांबा जैसे महत्वपूर्ण खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जिनसे राज्य के राजस्व और विकास योजनाओं को मजबूती मिलती है।
राजस्व और रोजगार पर असर का दावा
राजद नेताओं ने आशंका जताई कि इस बिल के लागू होने से राज्य के राजस्व पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जिससे गरीब, मजदूर और रोजगार पर निर्भर लोगों की स्थिति प्रभावित हो सकती है। उन्होंने राज्य सरकार की योजनाओं जैसे वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन और मंईयां सम्मान योजना का भी उल्लेख किया।
हालांकि, बिल के आधिकारिक उद्देश्य के अनुसार, इसका मकसद खनिज क्षेत्र में करों और अलग-अलग लेवी की व्यवस्था को एकरूप करना बताया गया है, ताकि खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और व्यवस्था को बेहतर किया जा सके।
आंदोलन की चेतावनी
राजद जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि यह बिल वापस नहीं लिया गया तो पार्टी राज्यव्यापी आंदोलन करेगी और सड़क से लेकर सदन तक इसका विरोध जारी रहेगा। धरना समाप्त होने के बाद कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद
इस मौके पर रणजीत सिंह, हजरत शेख, इकरामुल अंसारी, लाल मरांडी, अमन सिंह, मनोज मड़ैया, विनोद ठाकुर, सदानंद यादव, रमेश सिंह, अजीत सिंह, ज्योत्सना मुर्मू सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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