पलामू के स्कूलों का है संदेश- हेलमेट-सीटबेल्ट से सुरक्षित बने प्रदेश

पलामू:- पलामू जिले के सभी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय में सड़क सुरक्षा
जागरूकता अभियान के तहत स्कूली बच्चों को सड़क सुरक्षा का संदेश दिया गया जिसमें –
मुख्य बिंदु एवं आयोजित गतिविधियाँ:
1. जागरूकता रैली: छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों द्वारा तख्तियों और नारों के माध्यम से आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने हेतु भव्य रैली का आयोजन किया गया।
2. सड़क सुरक्षा शपथ (Pledge): सभी विद्यालयों में सामूहिक शपथ दिलाई गई, जिसमें नियमों का पालन करने, हेलमेट व सीटबेल्ट का नियमित उपयोग करने और सुरक्षित वाहन चलाने का संकल्प लिया गया।
3. निबंध प्रतियोगिता: विद्यार्थियों में बौद्धिक जागरूकता बढ़ाने के लिए सड़क सुरक्षा, दुर्घटना रोकथाम और सुरक्षित यात्रा के उपायों पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित हुई।
4. पेंटिंग / पोस्टर प्रतियोगिता: बच्चों ने चित्रों और रंगों के माध्यम से ट्रैफिक सिग्नल, ओवर-स्पीडिंग के खतरे और जीवन रक्षा के संदेशों को रचनात्मक रूप से दर्शाया।
सड़क सुरक्षा जागरूकता मूल मंत्र:
दुर्घटना से देर भली (5 मिनट की देरी सड़क हादसे से बेहतर है)।
• संकल्प: पलामू का प्रत्येक विद्यालय सड़क सुरक्षा की जागरूकता फैलाने और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
विद्यालयों द्वारा किए जाने वाले मुख्य प्रयास:
• साप्ताहिक प्रार्थना सभा में शपथ: प्रतिदिन या साप्ताहिक प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलाना।
• हेलमेट व सीटबेल्ट अनिवार्यता: विद्यालय आने वाले सभी अभिभावकों, शिक्षकों और पात्र विद्यार्थियों के लिए हेलमेट/सीटबेल्ट अनिवार्य करना।
• सड़क सुरक्षा क्लब एवं नुक्कड़ नाटक: विद्यार्थियों के समूह बनाकर जागरूकता रैलियां, पेंटिंग प्रतियोगिता और नुक्कड़ नाटक आयोजित करना।
• यातायात पुलिस के साथ विशेष सत्र: स्थानीय ट्रैफिक पुलिस को आमंत्रित कर व्यावहारिक सुरक्षा नियम सिखाना।
• सुरक्षित आवागमन क्षेत्र (Safe Zone): स्कूल गेट के बाहर नो-पार्किंग, स्पीड ब्रेकर और जेब्रा क्रॉसिंग सुनिश्चित करना।
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जागरूकता अभियान के तहत स्कूली बच्चों को सड़क सुरक्षा का संदेश दिया गया जिसमें –



