रांची में 1975 कर्मचारियों को बड़ी राहत! हाईकोर्ट के आदेश के बाद सोमवार से जॉइनिंग संभव | JSSC CGL
हाईकोर्ट से बड़ी राहत: JSSC CGL के 1975 कर्मी फिर से करेंगे जॉइनिंग, सरकार के आदेश पर लगी रोक

❤️
रांची। झारखंड में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL परीक्षा के माध्यम से नियुक्त 1975 सरकारी अधिकारियों एवं कर्मियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा राज्य सरकार के नियुक्ति रद्द करने के फैसले पर रोक लगाए जाने के बाद अब इन कर्मियों की अपने-अपने विभागों में वापसी की संभावना प्रबल हो गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यदि कार्मिक विभाग की ओर से शीघ्र अधिसूचना जारी होती है, तो सभी कर्मी सोमवार से पुनः योगदान दे सकते हैं।
दरअसल, 18 अगस्त को राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद सरकार ने JSSC CGL के तहत की गई सभी नियुक्तियों को रद्द करने का निर्णय लिया था। इस फैसले से चयनित अभ्यर्थियों के सामने अचानक बेरोजगारी का संकट खड़ा हो गया था। हजारों परिवार आर्थिक और मानसिक तनाव से गुजरने लगे थे। सरकार के इस निर्णय के खिलाफ प्रभावित अभ्यर्थियों ने 21 अगस्त को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने गंभीरता से पक्षों को सुनते हुए राज्य सरकार के नियुक्ति रद्द करने वाले नोटिफिकेशन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। कोर्ट के इस अंतरिम आदेश ने अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। अब सभी की निगाहें कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग पर टिकी हुई हैं, जहां से आधिकारिक निर्देश जारी होने के बाद कर्मियों की वापसी की प्रक्रिया शुरू होगी।
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 15 सितंबर की तिथि निर्धारित की है। साथ ही, अदालत ने अभ्यर्थियों को एक शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसमें यह स्पष्ट करना होगा कि यदि भविष्य में किसी जांच में वे व्यक्तिगत रूप से दोषी पाए जाते हैं, तो उनकी सेवा तुरंत समाप्त कर दी जाएगी और इसकी पूरी जिम्मेदारी उनकी होगी। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार को भी अपना पक्ष रखते हुए कोर्ट में काउंटर एफिडेविट दाखिल करने को कहा गया है।
इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, फिलहाल हाईकोर्ट के हस्तक्षेप से प्रभावित कर्मियों को राहत मिली है और उनके पुनः नौकरी पर लौटने की उम्मीदें मजबूत हुई हैं। अब देखना यह होगा कि सरकार इस मामले में आगे क्या रुख अपनाती है और आगामी सुनवाई में क्या फैसला सामने आता है।
![]()



