Pakud:एक सप्ताह बाद पटरी पर लौटी रफ्तार, तालझारी स्टेशन पर फिर गूंजने लगी ट्रेनों की आवाज
गंगा कटाव से थमा था रेल परिचालन, ट्रेनें शुरू होते ही यात्रियों की बढ़ी चहल-पहल; टोटो-टेंपो की भी लौटी रौनक

तालझारी साहिबगंज-बरहरवा रेलखंड पर एक सप्ताह से थमी रेल की रफ्तार मंगलवार से फिर पटरी पर लौट आयी। महाराजपुर के समीप गंगा कटाव के कारण रेल परिचालन बाधित होने से तालझारी समेत आसपास के स्टेशनों पर सन्नाटा पसरा था। ट्रेनों का परिचालन शुरू होते ही बुधवार को तालझारी स्टेशन पर यात्रियों की चहल-पहल बढ़ गयी और स्टेशन परिसर फिर से गुलजार नजर आया। लंबे इंतजार के बाद ट्रेन मिलने से यात्रियों ने राहत की सांस ली।
मुश्किल हालात में बहाल हुआ परिचालन
महाराजपुर के समीप गंगा कटाव ने रेल परिचालन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी। स्थिति को देखते हुए करीब एक सप्ताह तक ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहा। इस दौरान यात्रियों को आवागमन के लिए वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ा। रेलवे के पदाधिकारियों और कर्मियों के लगातार प्रयास के बाद मंगलवार को परिचालन बहाल किया गया। इससे साहिबगंज-बरहरवा रेलखंड पर सफर करने वाले हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।

यात्रियों ने रेलवे के प्रयास को सराहा
बुधवार को तालझारी स्टेशन पहुंचे यात्रियों ने रेल परिचालन बहाल होने पर खुशी जतायी। यात्रियों का कहना था कि विकट परिस्थिति में रेलवे कर्मियों ने लगातार काम कर कम समय में परिचालन शुरू कराया। यात्रियों ने रेल प्रशासन के साथ जिला प्रशासन के प्रयासों की भी सराहना की।
ट्रेनें चलीं तो स्टेशन पार्किंग भी हुई गुलजार
रेल परिचालन बंद रहने का असर स्टेशन परिसर के साथ-साथ आसपास के कारोबार और परिवहन पर भी पड़ा था। ट्रेनें शुरू होते ही तालझारी स्टेशन की पार्किंग में टोटो, टेंपो और अन्य वाहनों की आवाजाही बढ़ गयी। आसपास के करीब 100 किलोमीटर क्षेत्र से आने-जाने वाले लोगों के लिए रेल सेवा प्रमुख साधन है। परिचालन ठप होने से उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ रही थी।
हावड़ा से मालदा तक के यात्रियों को मिली राहत
रेल सेवा बाधित रहने के दौरान हावड़ा, रांची, रामपुरहाट, अजीमगंज, फरक्का और मालदा जाने वाले यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी हुई। डाउनलाइन की कई पैसेंजर ट्रेनें रद्द थीं, जबकि एक्सप्रेस ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाया जा रहा था। अब परिचालन सामान्य होने के बाद इन रूटों के यात्रियों को राहत मिली है। स्टेशन पर फिर यात्रियों की आवाजाही और ट्रेनों की आवाज ने एक सप्ताह से पसरे सन्नाटे को खत्म कर दिया है।
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