बर्थ सर्टिफिकेट के नियमों में बदलाव: 1 साल से अधिक उम्र पर अब DM से लेनी होगी मंजूरी, रडार पर आंगनबाड़ी


रिपोर्टर: कोटालपोखर संवाददाता
कोटालपोखर। बच्चों के जन्म व मृत्यु के निबंधन में देशभर में सामने आ रहे फर्जीवाड़े को लेकर केंद्र सरकार सख्त हो गई है। इस संबंध में भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजकर जन्म व मृत्यु निबंधन के नियमों को कड़ाई से लागू कराने का निर्देश दिया है।
जारी निर्देश में कहा गया है कि राज्य एवं जिला स्तर पर गठित कमेटियों की नियमित बैठक आयोजित की जाए तथा पूरे प्रक्रिया की लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
पत्र के अनुसार अब 1 साल से अधिक उम्र के बच्चों का जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए जिला मजिस्ट्रेट (DM) या उनके द्वारा नामित मजिस्ट्रेट अथवा अनुमंडल मजिस्ट्रेट की अनुमति अनिवार्य होगी। इस नए नियम का उद्देश्य फर्जी प्रमाणपत्रों पर रोक लगाना और निबंधन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है।
सूत्रों के अनुसार इस मामले में आंगनबाड़ी केंद्र भी प्रशासन के रडार पर हैं, जहां से संबंधित मामलों की जांच की जा सकती है। प्रशासनिक स्तर पर सख्ती बढ़ने से फर्जीवाड़े में शामिल लोगों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
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