पश्चिम बंगाल

1अगस्त से तारापीठ मंदिर में नए नियम लागू, गर्भगृह में मोबाइल पर पूर्ण प्रतिबंध

Views: 30
0 0
Read Time:2 Minute, 48 Second
1अगस्त से तारापीठ मंदिर में नए नियम लागू, गर्भगृह में मोबाइल पर पूर्ण प्रतिबंध

तारापीठ (पश्चिम बंगाल), संवाददाता।
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ तारापीठ मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए 1 अगस्त से नई नियमावली लागू की जाएगी। मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, अनुशासित और सुचारु बनाने के उद्देश्य से पूजा, भोग, आरती और दर्शन के समय में बदलाव किया है।

नई व्यवस्था के तहत सबसे बड़ा निर्णय गर्भगृह में मोबाइल फोन ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का लिया गया है। श्रद्धालुओं को अब गर्भगृह में प्रवेश से पहले अपने मोबाइल फोन निर्धारित स्थान पर जमा कराने होंगे। प्रशासन का मानना है कि इससे गर्भगृह की गरिमा बनी रहेगी और दर्शन व्यवस्था बेहतर होगी।

तारामाता सेवायत संघ के अनुसार मंदिर प्रतिदिन सुबह 3 बजे खुलेगा, जबकि श्रद्धालुओं के लिए पूजा और दर्शन सुबह 5:30 बजे से शुरू होंगे। दोपहर 12:30 बजे गर्भगृह बंद कर दिया जाएगा और दोपहर 1 बजे तक माता को भोग अर्पित किया जाएगा। इसके बाद 1:30 बजे से पुनः दर्शन प्रारंभ होगा।

शाम 6 बजे आरती के लिए गर्भगृह का द्वार बंद रहेगा और आरती के बाद शाम 7:30 बजे से फिर दर्शन शुरू होंगे। रात 10 बजे मंदिर परिसर के सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे।

नई नियमावली के तहत गर्भगृह के अंदर श्रृंगार पूजा की अनुमति नहीं होगी। साथ ही ढाक वादकों के धार्मिक अनुष्ठान स्थल पर भी श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक रहेगी। भोग अर्पित होने से पहले मंदिर परिसर में भोग ग्रहण करने या बाहर ले जाने की अनुमति भी नहीं होगी।

प्रशासन ने सामान्य, विशेष और प्रोटोकॉल श्रेणी के श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किया है, ताकि भीड़ प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जा सके। तारामाता सेवायत संघ ने सभी श्रद्धालुओं से नई व्यवस्था का पालन करने की अपील की है।

Loading

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

About The Author

Related Articles

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%
Back to top button