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फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में सशक्त पहल

फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में सशक्त पहल

पाकुड़ जिले के शैक्षणिक संस्थानों में एमडीए–आईडीए अभियान को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

पाकुड़।
फाइलेरिया उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप पाकुड़ जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में आगामी मास ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन–आईडीए अभियान 2026 को लेकर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह अभियान आगामी 10 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक जिलेभर में संचालित किया जाएगा।

जागरूकता कार्यक्रम सेंट जोसेफ स्कूल, डीएवी पब्लिक स्कूल पाकुड़, राज +2 विद्यालय (सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस +2) तथा पॉलिटेक्निक कॉलेज, पाकुड़ में सफलतापूर्वक संपन्न हुए।

कार्यक्रम का आयोजन जिला वेक्टर जनित रोग पदाधिकारी डॉ. अमित कुमार के मार्गदर्शन में किया गया। इसमें जिला बीवीडी सलाहकार श्री अंकित कुमार, संबंधित शैक्षणिक संस्थानों के प्राचार्यगण, शिक्षकगण तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मियों की सक्रिय सहभागिता रही।

फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में सशक्त पहल

जागरूकता सत्रों के दौरान छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को फाइलेरिया रोग, इसके संचरण के कारण, लक्षण, दीर्घकालिक जटिलताएँ तथा रोग के पूर्ण उन्मूलन हेतु एमडीए–आईडीए अभियान की महत्ता के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

आगामी एमडीए–आईडीए 2026 अभियान (10 फरवरी से 25 फरवरी) पर विशेष बल देते हुए बताया गया कि अभियान के तहत दी जाने वाली दवाएँ पूर्णतः सुरक्षित हैं तथा फाइलेरिया के प्रसार को रोकने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

इस अवसर पर जिला बीवीडी पदाधिकारी डॉ. अमित कुमार ने विद्यार्थियों से “स्वास्थ्य दूत” की भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राएं अपने परिवार एवं समुदाय में जागरूकता फैलाकर अभियान के दौरान सभी पात्र व्यक्तियों को निर्धारित दवाओं का सेवन सुनिश्चित कराएं। वहीं जिला बीवीडी सलाहकार श्री अंकित कुमार ने फाइलेरिया एवं कालाजार उन्मूलन लक्ष्यों की प्राप्ति में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में सशक्त पहल

कार्यक्रम के दौरान प्राचार्यगण एवं शिक्षकों ने एमडीए–आईडीए अभियान से संबंधित संदेशों के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा पाकुड़ जिले को फाइलेरिया एवं कालाजार मुक्त बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।

इसी क्रम में पाकुड़ सदर प्रखंड के भराबाद गांव में संदिग्ध कालाजार रोगियों की जिला बीवीडी पदाधिकारी द्वारा जांच भी की गई।

यह जागरूकता कार्यक्रम जिले में सामुदायिक सहभागिता को सुदृढ़ करने तथा वेक्टर जनित रोगों के उन्मूलन की दिशा में प्रगति को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय पहल साबित हो रहा है।

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