नई दिल्ली

फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, मंगेतर ने नम आंखों से दी विदाई

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फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, मंगेतर ने नम आंखों से दी विदाई

गुजरात के जामनगर में दो दिन पहले एयरफोर्स के जगुआर लड़ाकू विमान के क्रैश में बलिदान हुए फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव को शुक्रवार को उनके पैतृक गांव भालकी माजरा में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, सेना और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

मंगेतर ने नम आंखों से किए अंतिम दर्शन

सिद्धार्थ यादव के अंतिम दर्शन के लिए उनकी मंगेतर भी गांव पहुंचीं। कुछ ही दिन पहले, 23 मार्च को उनकी सगाई हुई थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। जैसे ही उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, पूरे माहौल में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों और ग्रामीणों की आंखों में आंसू छलक पड़े।

चचेरे भाई ने दी मुखाग्नि

गांव के श्मशान घाट में सिद्धार्थ यादव के चचेरे भाई सुधीर यादव ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान पूरा माहौल गमगीन हो गया। अंतिम यात्रा के दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘सिद्धार्थ यादव अमर रहें’ के नारे गूंजते रहे। हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने श्रद्धांजलि दी और उनके अदम्य साहस व बलिदान को नमन किया।

माता-पिता का इकलौता सहारा छिन गया

सिद्धार्थ यादव अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। उनका अचानक जाना पूरे परिवार के लिए एक गहरी क्षति है। उनके पिता, जो बेटे की उपलब्धियों पर गर्व करते थे, आज गहरे दुख में डूबे हैं। मां की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।

31 मार्च को वापस ड्यूटी पर लौटे थे

सिद्धार्थ यादव 31 मार्च को अपनी छुट्टी पूरी कर वापस ड्यूटी पर लौटे थे। वे हमेशा देश की सेवा में समर्पित रहते थे और वायुसेना में रहकर देश की रक्षा करना ही उनका सपना था। लेकिन 2 अप्रैल को गुजरात के जामनगर में एयरफोर्स का जगुआर लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें वे शहीद हो गए।

शहीद को श्रद्धांजलि

फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव की शहादत से पूरा गांव और क्षेत्र गमगीन है। उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए सभी लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी। प्रशासन की ओर से भी अधिकारियों ने उन्हें सलामी दी और उनके परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

देश के लिए सर्वोच्च बलिदान

सिद्धार्थ यादव ने बहुत कम उम्र में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका साहस और शौर्य हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। वे युवाओं के लिए एक मिसाल हैं, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। देश हमेशा उनके बलिदान को याद रखेगा।

सिद्धार्थ यादव अमर रहें!

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